पटना, जेएनएन। राजधानी के घोसवरी थाना क्षेत्र के रामनगर गांव से मंगलवार की शाम अपहृत दस साल के बच्चे को देर रात करीब तीन बजे पुलिस ने बरामद कर लिया है। सूत्रों से मिली जानकारीर के अनुसार बच्चे को उसी के पड़ोसी ने अगवार कर लिया था। उसे छोड़ने की एवज में परिजनों को कॉल कर दस लाख रुपये मांगे थे। अपहरण के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

फोन कर मांगे थे दस लाख रुपये

निवासी फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआइ)के कर्मी सरयुग महतो के दस वर्षीय पोते रवि किशन का मंगलवार की शाम अपहरण कर लिया गया था। अपहृत छात्र के पिता बलराम महतो बड़े किसान हैं। बदमाशों ने फोन पर अपहरण की सूचना देते हुए दस लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। राजधानी में पिछले पांच दिनों में यह अपहरण की चौथी घटना थी। अपहरण की सूचना पर एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बच्चे की बरामदगी के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे।

घर के पास ही खेल रहा था बच्चा

ग्रामीणों के अनुसार, छात्र रवि किशन शाम करीब पांच बजे घर के पास ही खेल रहा था। तभी बदमाशों ने उसे बहला फुसलाकर अगवा कर लिया था। हालांकि उसे कैसे अगवा किया गया, किसी को भनक तक नहीं लगी। किशोर ने शोर भी नहीं मचाया, ऐसे में अपहरणकर्ताओं के गांव के ही परिचित होने का अनुमान लगाया जा रहा था, जिसके झांसे में किशोर आ गया। काफी देर तक किशोर के घर नहीं लौटने पर स्वजनों ने आसपास के लोगों और उसके दोस्तों से पूछताछ की। इसी बीच बदमाशों ने पीडि़त स्वजन के मोबाइल पर अपहरण करने की जानकारी दी।

जिंदा चाहते हो तो तैयार रखो रकम

सूत्रों की मानें तो बदमाशों ने फोन कर स्वजनों से कहा था कि तुम्हारा बेटा मेरे कब्जे में है। बेटे की जिंदगी चाहते हो तो 10 लाख रुपया तैयार रखो। जो स्थान बताया जाएगा वहां एक हाथ से रुपया दो और दूसरे हाथ से बेटे को ले जाओ। किसी तरह की चालाकी दिखाई तो बेटे से हाथ धोना पड़ेगा। अपहरण और फिरौती की मांग पर घर में कोहराम मच गया था। सहमे स्वजनों ने अपहरण की सूचना घोसवरी थाने को दी थी।

Posted By: Akshay Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस