मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

पटना [जागरण टीम]। बिहार में बाढ़ ने 12 जिलों में तबाही मचा रखी है। आठ दिनों के बाद अब कहीं पानी उतर रहा है तो कहीं चढ़ रहा है और कहीं स्थिति यथावत है। लेकिन बाढ़ से तबाह हुए लोगों का गुस्‍सा अब नेताओं व सरकारी अधिकारियों पर निकलने लगा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में अंचलाधिकारी (सीओ) को बाढ़ पीडि़तों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। दूसरी ओर, ढाका अनुमंडल कार्यालय पर बाढ़ पीडि़तों ने पथराव भी किया। बता दें कि पिछले सप्‍ताह सांसद के साथ बाढ़ पीडि़तों ने धक्‍का-मुक्‍की की थी।     

बताया जाता है कि सरकार के उदासीन रवैये को देख कर शुक्रवार की दोपहर में बाढ़ पीड़ितों का धैर्य जवाब दे गया और गुस्सा फूट पड़ा। मोतिहारी के चिरैया में सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों ने वहां के सीओ को जमकर की जमकर पीटा। इतने पर भी आक्रोशित लोग नहीं माने। उन्‍हें सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। 

उधर मोतिहारी के ढाका अनुमंडल कार्यालय पर आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने पथराव किया। बताया जाता है कि शु्क्रवार को बाढ़ पीडि़त सहायता की आस में अनुमंडल कार्यालय पहुंचे थे। लेकिन प्रशासन के उदासीन रवैये से वे सब गुस्‍से में आ गए। फिर क्‍या था, वे लोग अनुमंडल कार्यालय पर पथराव करने लगे। बताया जाता है कि बाढ़ पीडि़तों ने गुरुवार को भी पथराव किया था। प्रशासन का कहना है कि इस दौरान कुछ लोगों ने आरटीपीएस कार्यालय के सभी कंप्यूटर को तोड़ दिया, साथ ही कागजात भी लूट लिये।

Posted By: Rajesh Thakur

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप