पटना, जेएनएन। राजधानी के दुल्हिन बाजार प्रखंड में महिलाओं को चंगुल में फंसाकर फर्जीवाड़े किया गया। कुटीर उद्योग के नाम पर उनसे 3 से 5 हजार रुपये लोन के बदले 30 से 50 हजार रुपये मांगे जाने का मामला प्रकाश में आया है। महिलाओं का समूह बना कर करोड़ों की निकासी करने वाले ज्यादातर फाइनेंस बैंकों के ग्रामीण कार्यालय का पता अलीपुर चौक पर स्थित प्रेम साव की चाय दुकान है।

लोन के नाम पर हुआ ठगी

हालांकि ऐसे बैंकों का क्षेत्रीय कार्यालय मसौढ़ी, पालीगंज, बिहटा व पटना के पते पर चल रहा है। कई ग्रामीण महिलाओं ने ऐसी फाइनेंस कंपनियों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। वहीं भारत माइक्रो फाइनेंस प्रा. लिमिटेड बैंक के ब्राच मैनेजर मनोज कुमार ने इससे इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि दुल्हिन बाजार के आसपास के इलाके में लगभग 3 सौ से ऊपर महिलाओं को कुटीर उद्योग के लिए लोन दिया गया है।

कही गई थी वसूली की बात

सभी लोन समय से रिकवर हो रहा है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित महिलाओं ललिता देवी, विरंजी देवी, मालती देवी, प्रीति देवी, नीतू देवी, प्रमिला देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने बताया कि हमलोगों ने आधार कार्ड और दो फोटो दिए, इसके बाद फाइनेंस कंपनियों द्वारा हमलोगों को 3 से 5 हजार रुपये दिए जाते थे। इन पैसों की वसूली की बात नहीं कही गई थी। पर अब इसके एवज में 30 से 50 हजार रुपये उठाव की बात कही जा रही है।

प्रेम साव की चाय दुकान पर होती थी मुलाकात

सुनीता देवी, राजपतिया देवी, पूनम देवी, कमला देवी, शीला देवी, उर्मिला देवी, फूला देवी ने बताया कि बैंकों के एजेंट आते थे और प्रेम साव की चाय दुकान पर मिलने के लिए कहते। इसी को कार्यालय कहा जाता था। एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि महिलाओं द्वारा पैसे की लेनदेन में फर्जीवाड़े की सूचना मिली है। इस तरह के बैंकों को चिन्हित कर जाच के लिए एक टीम का गठन किया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि महिलाओं के साथ फर्जीवाड़े की सूचना है पर कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि मामले की जाच कराई जा रही है।

Posted By: Akshay Pandey

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