पटना। इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) में 60 फीसद सस्ती दर के पैकेज पर फेको विधि से आंखों का ऑपरेशन होगा। यह पूरी तरह एम्स दिल्ली के आरपी सेंटर की तर्ज पर होगा। शुक्रवार को इस पैकेज सुविधा का शुभारंभ एम्स दिल्ली के आंख विभाग के पूर्व निदेशक सह विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजव‌र्द्धन आजाद ने किया।

उन्होंने कहा कि आइजीआइएमएस की तरक्की को देखकर मन खुश हो जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सक्रिय योगदान से ही आइजीआइएमएस और बिहार लगातार तरक्की कर रहा है।

संस्थान के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास ने कहा कि यहां 500 और 200 बेड का आंख अस्पताल बनवाने की कवायद तेजी से चल रही है। 500 बेड के अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है। इस वर्ष के अंत तक निर्माण करा लेने की कोशिश की जा रही है। इसके निर्माण होने के बाद मरीजों को परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इस दौरान आंख विभाग के वरीय प्राध्यापक डॉ. नीलेश मोहन, डॉ. ललन, डॉ. पंकज आदि मौजूद थे। आसानी से आंखों की बीमारियों का भी चलेगा पता: आइजीआइएमएस के क्षेत्रीय चक्षु संस्थान के प्रमुख व विभागाध्यक्ष डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने कहा कि संस्थान के शासी निकाय सदस्य सह स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पैकेज व्यवस्था के लिए 10 लाख की स्वीकृति दी है। इससे यह व्यवस्था की जा रही है। संस्थान में बने रिसर्च लैब बिहार का इकलौता लैब होगा। यहां आंखों की अल्सर सहित अन्य बीमारियों की जानकारी आसानी से हो सकेगी। यहीं नहीं आंख की नस डैमेज होने पर दोबारा उसे ठीक करने की जानकारी के साथ-साथ रेटिनो ब्लास्टोमा करने में भी लैब से मदद मिलेगी।

देश के पांच बड़े आंख संस्थानों में जुड़ जाएगा आइजीआइएमएस:

आंखों को लेकर बनने वाली पॉलिसी में सरकार के लिए यह लैब मददगार साबित होगी। लैब के लिए दो वैज्ञानिकों की भी नियुक्ति की गई है। इसे केंद्र सरकार के डीबीटी विभाग के साथ ऑक्यूलर रजिस्टर किया जाएगा। इससे देश के पांच बड़े आंख संस्थानों से भी आइजीआइएमएस जुड़ जाएगा। इसमें शंकर देवा अस्पताल, गुवाहाटी, आदित्य ज्योत आंख अस्पताल मुंबई, चित्रगुप्त आई सेंटर, मां अमृता आई इंस्टीट्यूट मुंबई और क्षेत्रीय चक्षु संस्थान, आइजीआइएमएस पटना शामिल है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस