पटना [राज्य ब्यूरो]। बोधगया मंदिर परिसर में आइईडी प्लांट करने के मामले में एनआइए और कोलकाता पुलिस की एसटीएफ को जहानाबाद के दो युवकों की तलाश है। 19 जनवरी को बोधगया महाबोधी मंदिर परिसर में तीन शक्तिशाली आइईडी प्लांट करने के लिए विस्फोटकों की यह खेप जहानाबाद से ही सप्लाई की गई थी। मंदिर परिसर में बम प्लांट करने वाले मो. जियारुल और मो. पैगंबर ने एनआइए के समक्ष आइईडी प्लांट करने का गुनाह स्वीकार कर लिया है।

मो. जियारुल एवं मो. पैगंबर को बोधगया में बम प्लांट करने का टास्क जमात-उल-मुजाहिदीन बंगलादेश (जेएमबी) का सरगना सलाउद्दीन अहमद उर्फ सलाउद्दीन इस्लाम ने सौंपा था। जियारुल एवं पैगंबर ने एनआइए की पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने बोधगया में बम प्लांट करने से पहले जहानाबाद के कुतुबचक मोहल्ले में एक किराए का मकान लिया था। उसे मकान दिलाने में जहानाबाद के ही दो स्थानीय युवकों मो. रिजवान और मो. सद्दाम ने मदद की थी।

इन दोनों युवकों ने ही मकान मालिक से इनका परिचय फेरी पर कपड़े बेचने वाले के रूप में कराया था। अब एनआइए, कोलकाता एसटीएफ और बिहार एटीएस की टीम जहानाबाद के उन दोनों युवकों की तलाश में है। बिहार पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जहानाबाद के इन दोनों युवकों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

बम प्लांट करने वाले मो. जियारुल एवं मो. पैगंबर ने यह भी स्वीकार किया है कि जब वह विस्फोटकों के साथ कोलकाता से जहानाबाद के लिए चला था, तब जेएमबी का कथित प्रमुख सलाउद्दीन उनसे मिला था।

उसने ही उसे जहानाबाद में रेलवे स्टेशन और बस अड्डा के समीप किराए पर मकान लेने की सलाह दी थी। सलाउद्दीन ने ही जहानाबाद के रहने वाले दोनों युवकों मो. रिजवान व मो. सद्दाम के बारे में जानकारी दी थी। जब जियारुल व पैगंबर जहानाबाद स्टेशन पर उतरे थे तब रिजवान व सद्दाम उसे लेने स्टेशन भी आया था।

By Ravi Ranjan