विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व मंत्री अखिलेश सिंह का बड़ा बयान, लोस चुनाव में RJD को मिले कांग्रेस से अधिक सीटें

By Amit AlokEdited By:
Published: Mon, 03 Sep 2018 06:28 PM (IST)Updated: Tue, 04 Sep 2018 10:54 PM (IST)

कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने अपनी पार्टी के बदले राजद के लिए अधिक सीटों की मांग की है। उनके बयान ...और पढ़ें

पूर्व मंत्री अखिलेश सिंह का बड़ा बयान, लोस चुनाव में RJD को मिले कांग्रेस से अधिक सीटें
पूर्व मंत्री अखिलेश सिंह का बड़ा बयान, लोस चुनाव में RJD को मिले कांग्रेस से अधिक सीटें

पटना [जेएनएन]। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा है, राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) व विपक्षी महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान शुरू है। सभी अपनी पार्टियों के लिए अधिक सीटें मांग रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने अपनी पार्टी के बदले राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के लिए अधिक सीटों की मांग कर सबों को हैरत में डाल दिया है। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस  के कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादरी ने उनके बयान को औचित्‍यहीन करार दिया है।

विदित हो कि ये वही अखिलेश सिंह हैं, जिन्‍होंने पहले कहा था कि कांग्रेस बिहार में लालू प्रसाद की 'बी' टीम बनकर नहीं रहेगी। कांग्रेस हमेशा देश मे नंबर वन रही है और आगे भी रहेगी।

अखिलेश ने कही ये बात

महागठबंधन में सीटों के समझौते पर कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने कहा है कि सभा चुनाव में राजद को ज्‍यादा सीटें मिलनी चाहिए। बिहार में राजद कांग्रेस से बड़ी पार्टी है। बड़ी पार्टी होने के नाते राजद की ज्यादा हिस्सेदारी होनी चाहिए।

अखिलेश सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद यादव की शक्ति हमसे ज्यादा है, उनका जनाधार अधिक है। लालू अगर ज्यादा सीटों पर लड़ते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्‍होंने कहा कि आज की परिस्थिति में राजद ज्यादा मजबूत हैं, इसे स्वीकारने में कोई कठिनाई नहीं। किसी को भी सच स्वीकार करने में कठिनाई नही होनी चाहिए।

कौकब कादरी ने जताया एेतराज

हालांकि अखिलेश सिंह के बयान पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि लोकसभा सीटों पर फैसला आलाकमान का होगा। चुनाव से पहले इस तरह की बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं है। हम महागठबंधन में हैं, कौन बड़ी पार्टी है यह चर्चा का विषय नहीं।