पटना, जेएनएन। बिहार में प्राथमिक शिक्षकों की हड़ताल को देखते हुए शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है अौर मैट्रिक से लेकर इंटर परीक्षा तक पर बारीकी से नजर रखे हुए है। शिक्षकों की घोषित हड़ताल के कारण मैट्रिक की परीक्षा व इंटर का मूल्यांकन कार्य बाधित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव और बोर्ड अध्यक्ष ने सभी जिलाधिकारियों से वैकल्पिक व्यवस्था करने के साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा लेने को कहा है। मैट्रिक परीक्षा के संचालन के लिए शिक्षकों की कमी पर समाहरणालय या अन्य विभागों के कर्मियों को वीक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया जा सकता है। 

निलंबन के साथ होगी विभागीय कार्यवाही

कहा गया है कि 26 फरवरी से आरंभ होने वाले इंटर के मूल्यांकन को लेकर आकलन कर लिया जाए। 25 फरवरी से प्रस्तावित माध्यमिक शिक्षकों की हड़ताल को देखते हुए मूल्यांकन के लिए प्लस टू विद्यालय, कॉलेज, अंगीभूत कॉलेजोंं के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा ली जा सकती है। कहा गया है कि मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण नहीं करने वाले शिक्षकों का 17 फरवरी को योगदान नहीं होता है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाए। सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने पर निलंबन के साथ विभागीय कार्यवाही शुरू की जाए। उस दिन की वेतन की कटौती कर इसकी सूचना कोषागार को दी जाए।  

अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों की ली जाएगी मदद

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा के लिए जिलाधिकारी को विशेषाधिकार दिया गया है। वह परीक्षा संचालन में अनुदानित कॉलेजों व स्कूलों की भी मदद ले सकते हैं। सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत प्रशिक्षुओं की मदद भी वीक्षण कार्य के लिए ले सकते हैं। इसके बाद भी कमी होती है तो समाहरणालय या अन्य विभागों केकर्मियों को वीक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया जा सकता है। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा के लिए 65 हजार शिक्षकों की जरूरत होती है। 

Posted By: Rajesh Thakur

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस