ESI के नियमों में बदलाव: 10 से कम कर्मियों वाले संस्थान भी ले सकेंगे लाभ, दायरे में आएंगे छोटे प्रतिष्ठान
कर्मचारी राज्य बीमा निगम की बैठक में छोटे प्रतिष्ठानों को स्वेच्छा से ईएसआई योजना में शामिल करने का निर्णय लिया ...और पढ़ें

ईएसआई योजना का विस्तार: छोटे प्रतिष्ठानों और खतरनाक कार्यों के श्रमिकों को मिलेगा लाभ
HighLights
छोटे प्रतिष्ठान स्वेच्छा से ईएसआई योजना में शामिल हो सकते हैं।
खतरनाक कार्यों में एक कर्मचारी पर भी ईएसआई लागू होगा।
योजना का उद्देश्य श्रमिकों को चिकित्सा एवं सामाजिक सुरक्षा देना है।
राज्य ब्यूरो, पटना। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष एवं श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को नियोजन भवन में बैठक हुई।
इसमें 10 से कम कर्मचारियों वाले छोटे प्रतिष्ठान स्वेच्छा से कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जबकि खतरनाक कार्यों में केवल एक कर्मचारी होने पर भी ईएसआई लागू होगा।
बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, श्रमायुक्त राजेश भारती, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार, निदेशक शिशिर भारती, बीमा आयुक्त प्रणय सिन्हा, चिकित्सा आयुक्त (पूर्वी क्षेत्र) डॉ. आर. मंगेश और डॉ. नंदकिशोर के अलावा कर्मचारी राज्य बीमा निगम के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों को चिकित्सा एवं सामाजिक सुरक्षा देने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। हमारा उद्देश्य केवल बीमित श्रमिकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर बीमित व्यक्ति को जमीन पर इसका वास्तविक लाभ मिले।
अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तहत देशभर में 160 से अधिक ईएसआई अस्पताल, 20 मेडिकल कॉलेज, 600 से अधिक शाखा कार्यालय और 92 डीसीबीओ संचालित हैं। इसके अलावा, तीन करोड़ से अधिक बीमित व्यक्ति और 13 करोड़ से अधिक लाभार्थी योजना से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि अब ईएसआई योजना का विस्तार देश के सभी जिलों तक किया गया है। 10 से कम कर्मचारियों वाले छोटे प्रतिष्ठान स्वेच्छा से योजना में शामिल हो सकते हैं, जबकि खतरनाक कार्यों में केवल एक कर्मचारी होने पर भी ईएसआई लागू होगा।
