पटना, राज्य ब्यूरो। शहरों की तरह गांवों की गलियों और सड़कों को भी रोशन करने की दिशा में सरकार ने बड़े पैमाने पर सोलर लाइट लगाने का निर्णय लिया है, यह सराहनीय पहल है। सोलर लाइट लग जाने से गांवों से भी अंधेरा दूर हो जाएगा। हालांकि गांव-गांव बिजली पहुंचा दी गई है, लेकिन सड़क किनारे सोलर लाइट भी जरूरी है। इससे बिजली की बचत भी होगी और गांवों की गलियां भी जगमग करती रहेंगी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना से राज्य के 1.14 लाख वार्डो को रोशन करने के निर्णय के साथ इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। गांवों के विकास की दिशा में सरकार का यह एक अहम कदम है। इस पर पंचायत चुनाव के बाद काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए तैयारी का पर्याप्त समय है। इसे तेजी से किया जाना चाहिए, ताकि पंचायत चुनाव के बाद गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट की रोशनी पहुंचाने का काम तत्काल शुरू हो जाए।

केंद्र और राज्य सरकार की भागीदारी के साथ चलने वाली इस योजना के त्वरित कार्यान्वयन के प्रति स्थानीय प्राधिकार को गंभीरता से निगरानी करनी होगी, ताकि कहीं किसी तरह का कोई अवरोध नहीं रह जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी के स्तर से सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके आगे की प्रक्रिया के लिए जितनी जल्दी तैयारी की जाएगी, उसका उतना ही लाभ ग्रामीणों का मिल पाएगा। सरकार ने इसकी निगरानी के लिए जिला और राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाने का भी निर्णय लिया है। अच्छी बात यह है कि जीपीएस से निगरानी की जाएगी कि कहां-कहां बल्ब लगे हैं। इससे सब कुछ नजर में रहेगी और कहीं किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं होगी।

इस योजना के तहत 11 लाख बल्ब लगाए जाने हैं। संबंधित एजेंसी को पांच वर्षो तक इसकी देखरेख भी करनी होगी। स्थानीय प्रतिनिधियों का दायित्व भी बढ़ जाता है कि वे इसकी निगरानी रखें। गांवों के विकास के लिए सरकार योजना बनाकर उसे कार्यान्वित कराती है तो ग्रामीणों को भी उसका ध्यान रखना होगा। पोल और बल्ब सुरक्षित रहें, इसकी चिंता करनी होगी।

सोलर लाइट से बिजली की भी होगी बचत। फाइल

मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना से राज्य के 1.14 लाख वार्डो को रोशन करने के निर्णय के साथ इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। गांवों के विकास की दिशा में सरकार का यह एक अहम कदम है।

Edited By: Shashank Pandey