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रेलवे में नौकरी के नाम पर घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, बिहार-यूपी समेत 6 राज्य में 15 ठिकानों पर छापामारी

By SUNIL RAAJEdited By: Radha Krishna
Published: Thu, 08 Jan 2026 12:08 PM (IST)Updated: Thu, 08 Jan 2026 12:24 PM (IST)

ED Raids: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार में फर्जी रेलवे नौकरी घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने बिहार, ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार सहित देश के छह राज्यों में एक साथ छापेमारी की है। यह घोटाला शुरुआत में रेलवे से जुड़ा हुआ सामने आया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसका दायरा 40 से अधिक सरकारी विभागों तक फैला पाया गया। इस कार्रवाई से जालसाज गिरोह के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

ईडी बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है।

सूत्रों के अनुसार संगठित गिरोह सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करता था। इसके लिए वे आधिकारिक सरकारी डोमेन से मिलते-जुलते नकली ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों को भ्रमित करते थे।

पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए गिरोह ने कुछ लोगों को रेलवे सुरक्षा बल, टिकट चेकर और तकनीशियन जैसे पदों पर नियुक्त दिखाया।

इतना ही नहीं, कई मामलों में 2 से 3 महीने का शुरुआती वेतन भी दिया गया, ताकि नौकरी असली लगे और किसी तरह का संदेह न हो। इसके बाद अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जाती थी।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि यह धोखाधड़ी केवल रेलवे तक सीमित नहीं थी। वन विभाग, आयकर विभाग, उच्च न्यायालय, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और बिहार सरकार सहित कई अन्य सरकारी संगठनों के नाम पर भी फर्जी नियुक्तियां दिखाई गईं। फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है।

क्या है रेलवे में नौकरी के नाम पर घोटाला?

रेलवे क्लेम घोटाला एक बड़ा वित्तीय धोखाधड़ी है, जिसमें रेलवे हादसों में घायलों और मृतकों के नाम पर फर्जी तरीके से मुआवजा हासिल किया गया। इसमें कई लोगों के नाम पर मुआवजा क्लेम किए गए थे, जबकि असल में वे हादसों के शिकार नहीं हुए थे।

ईडी की इस कार्रवाई से राज्य और केंद्र सरकार के बीच एक संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।