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ED ने CBI की पूर्व अधिकारी प्रीति सिंह पर कसा शिकंजा, 7.96 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का मामला

Published: Fri, 09 Oct 2026 10:16 PM (GMT+05:30)

प्रवर्तन निदेशालय ने भारतीय स्टेट बैंक की गया स्थित मानपुर शाखा में 7.96 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में ...और पढ़ें

ED ने CBI की पूर्व अधिकारी प्रीति सिंह पर कसा शिकंजा (AI Generated Image)

ED ने CBI की पूर्व अधिकारी प्रीति सिंह पर कसा शिकंजा (AI Generated Image)

HighLights

  1. ईडी ने एसबीआई की पूर्व अधिकारी प्रीति सिंह पर कार्रवाई की।

  2. गया की मानपुर शाखा में 7.96 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप।

  3. मुजफ्फरपुर पीएनबी ठगी मामले में भी छह आरोपितों पर शिकायत।

राज्य ब्यूरो, पटना। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की गया स्थित मानपुर शाखा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे 68 ओवरड्राफ्ट खाते खोलकर बैंक को 7.96 करोड़ रुपये की चपत लगाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है।

ईडी ने तत्कालीन फील्ड अधिकारी प्रीति सिंह के खिलाफ पटना स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इसमें आरोपित के खिलाफ मुकदमा चलाने और सजा देने की मांग की गई है।

ईडी की जांच में सामने आया कि प्रीति सिंह ने बैंक में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अभिलेखों में हेरफेर की।

उन्होंने फर्जी खाते बनाए, सावधि जमा (एफडी) पर बैंक का अधिकार हटाया और एक ही जमा राशि को बार-बार गारंटी के रूप में इस्तेमाल कर ओवरड्राफ्ट की सुविधा ली। इस तरह अपने और रिश्तेदारों के नाम पर 68 खाते स्वीकृत कराए और संचालित किए।

जांच के अनुसार, इस धोखाधड़ी से सात करोड़ 96 लाख रुपये की अपराध से अर्जित आय हुई। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल प्रीति सिंह ने अपने और परिवार के निजी खर्चों के साथ एक और ऋण लेने के लिए नई सावधि जमा बनाने में किया।

ईडी के अनुसार, बाद में बैंक ने गिरवी रखी गई सावधि जमाओं से ओवरड्राफ्ट की बकाया राशि वसूल की। शेष रकम प्रीति सिंह ने परिवार और रिश्तेदारों की आर्थिक मदद से लौटाई। हालांकि, ईडी का कहना है कि बैंक को रकम लौटाने से पहले आरोपित अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल कर उसका लाभ उठा चुकी थीं।

ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी और 30 दिसंबर 2022 को दाखिल आरोपपत्र के आधार पर धनशोधन मामले की जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद 30 सितंबर 2026 को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई।

पीएनबी के खाताधारकों से 1.29 करोड़ की ठगी

मुजफ्फरपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के खाताधारकों से 1.29 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छह आरोपितों के खिलाफ विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है।

ईडी ने 29 सितंबर को पटना स्थित धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में शिकायत दाखिल कर आरोपितों को दोषी ठहराने की मांग की है।

आरोपितों में मोहम्मद जफर इकबाल, नितेश कुमार सिंह, संतोष आनंद, राजेश कुमार, मंझय कुमार सिंह और कुंदन कुमार शामिल हैं। ईडी की जांच बिहार पुलिस की ओर से दर्ज दो प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी।

आरोप है कि जफर इकबाल और उसके सहयोगियों ने पीएनबी के अधिकारी नितेश कुमार सिंह की मदद से खाताधारकों के खातों से रुपये निकाल लिए। इसके लिए मोबाइल सिम की अदला-बदली की गई, जिससे खाताधारकों को लेनदेन का संदेश नहीं मिल सका।

ईडी ने 11 दिसंबर 2025 को आरोपितों से जुड़े चार ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान चार बैंक खातों में अपराध से अर्जित 83 लाख रुपये का पता चला, जिसे फ्रीज कर दिया गया।

जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को अलग-अलग शहरों में मौजूद बैंक खातों में भेजा गया। इसके बाद हवाला और एटीएम के जरिये नकद जमा कर रकम जफर इकबाल के निजी खातों और उसकी फर्म तक पहुंचाई गई। फिर इसे आरोपितों के बीच बांट दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

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