पटना, आनलाइन डेस्‍क। Durga Murti Visarjan: मां दुर्गा के नौ रूपों के आराधना के पर्व नवरात्रि के समापन के साथ ही पटना सहित बिहार के कई शहरों में प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी शुरू हो गई है। आज ही दोपहर से प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू जो जाएगा। बिहार राज्‍य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के मुताबिक गंगा सहित किसी भी नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जाएगा। प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विशेष तौर गड्ढे खुदवाए गए हैं और जलाशयों को चिह्न‍ित किया गया है। पटना में गंगा घाटों पर पुलिस भी तैनात की गई है, ताकि लोगों को नदी में प्रतिमा विसर्जन करने से रोका जा सके। बिहार में अब मूर्ति विसर्जन अधिनियम 2021 लागू हो गया है। इसमें कोताही बरतने पर पूजा समिति को 10 हजार रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है।

प्रतिमा विसर्जन के जुलूस पर रहेगी प्रशासन की नजर

प्रतिमा विसर्जन के जुलूस पर प्रशासन की लगातार नजर रहेगी। इसके लिए पूजा समितियों के लिए पहले से ही रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। निर्धारित रूट के अलावा प्रतिमा विसर्जन जुलूस को इधर-उधर जाने की पूरी तरह मनाही होगी। हर जुलूस के साथ पुलिस भी तैनात रहेगी।

कई जिलों में कल भी होगा प्रतिमाओं का विसर्जन

कई जिलों में दुर्गा प्रतिमाओं को विजयादशमी के दिन तक रखने की परंपरा है। बक्‍सर और भोजपुर जैसे शहरों में भी लोग विजयादशमी के दिन भी पंडालों में और मेले में घूमते हैं। ऐसे कुछ शहरों में शनिवार को भी प्रतिमाओं का विसर्जन करने की तैयारी चल रही है। प्रशासन सभी पूजा समितियों पर निगाह बनाए हुए है और उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्देशित किया जा रहा है।

पटना में गंगा घाटों पर बनाए गए कृत्रिम तालाब

पटना में गंगा घाटों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं। ला कालेज घाट, दीघा के पाटिपुल घाट, खाजेकलां घाट, बदर घाट के पास जेसीबी से गड्ढे खोदवाकर तालाब का रूप दिया गया है। नगर निगम इसकी तैयारी में तीन-चार दिन पहले ही जुट गया था। बिहार में अब किसी भी पर्व के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन नदी में नहीं किया जा सकता है। इसके लिए बकायदा कानून बना दिया गया है।