श्रवण कुमार, पटना। पटना को स्मार्ट सिटी बनाने की रफ्तार रह-रहकर अटक जा रही है। 871 एकड़ की परिधि में स्मार्ट शहर के सपने को जमीन पर उतारने में कई पेच फंस रहे हैं। एक तो स्मार्ट सिटी परियोजना की देर से शुरुआत और दूसरा टेंडर का फंसा पेच लेटलतीफी का सबसे बड़ा कारण बना। यह स्थिति तब है, जब केंद्र की सरकार द्वारा तय समय सीमा के अनुसार 2021 तक पटना को पूरी तरह स्मार्ट बना दिया जाना था। स्मार्ट सिटी की बड़ी परियोजनाएं तो लटकी पड़ी हैं, अलबत्ता छोटी-मोटी कुछ योजनाएं आकार लेती दिखने लगी हैं। बहरहाल, मार्च तक शहर को स्मार्ट सिटी के दो बड़े तोहफे मिलने की उम्मीद की जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2019-20 में पटना को स्मार्ट सिटी के लिए118 करोड़ रुपये राज्य सरकार के बजट से प्रावधान किया गया था। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बैठक में यह तय किया गया था कि प्रथम चरण में अदालतगंज तालाब और मेगा स्क्रीन को 15 अगस्त 2019 में ही पूरा कर लिया जाएगा। जनसुविधा केंद्र भी जून 2019 में ही पूरा होने की उम्मीद थी, पर इसमें से कोई भी काम तय समय में पूरा नहीं हो सका।

फरवरी में गांधी मैदान में मेगा स्क्रीन की होगी लांचिंग

गांधी मैदान में मेगा स्क्रीन लगाने की योजना लगभग अंतिम चरण में है। ट्रायल कई बार हो चुका है। फरवरी में मेगा स्क्रीन पर आम लोग चलती तस्वीरों का आनंद लेना शुरू कर देंगे। मेगा स्क्रीन की मेगा लांचिंग की तैयारी की जा रही है। लगभग सात करोड़ लागत की यह परियोजना आम लोगों से सीधे जुड़ी पूर्ण होने वाली पहली परियोजना होगी।

मार्च तक अदालतगंज तालाब के सुंदरीकरण का दावा

अदालतगंज तालाब राजधानी को स्मार्ट सिटी द्वारा दिया जाने वाला दूसरा तोहफा होगा। नौ करोड़ 64 लाख की लागत से तालाब की जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यह पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बच्चों के लिए प्ले जोन, बोटिंग, वाकिंग जोन, कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं रहेंगी। जल जीवन हरियाली से भी तालाब को जोड़ा जाएगा। बीच में तालाब का काम रुक गया था मगर अब फिर से परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का दावा है कि मार्च के अंत तक परियोजना पूरी हो जाएगी।

वीरचंद पटेल पथ भी बनेगा स्मार्ट

वीरचंद पटेल पथ में स्मार्ट सिटी के तहत सड़क के चौड़ीकरण और व्यवस्थित करने का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। लगभग 33 करोड़ की यह परियोजना का कार्यान्वयन जमीन पर दिख रहा है।

जन सुविधा केंद्र व मंदिरी नाले का निर्माण अधर में

पटना के मंदिरी नाले का निर्माण सहित अन्य कई परियोजनाएं भी प्रक्रिया में पेच को लकर अधर में है। जन सुविधा केंद्र की संख्या पहले से घट गई है। 80 जनसुविधा केंद्र की जगह अब 28 के बनने का ही नया निर्देश जारी हुआ है।

Posted By: Akshay Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस