पटना। कुत्ते इंसान के सबसे वफादार जानवरों में गिने जाते हैं। यही वजह है कि इंसान और कुत्तों का साथ पुरातन काल से है। बदलते दौर में कुत्ते इंसानों के लिए पहले से कहीं ज्यादा उपयोगी हो गए हैं। इसका नतीजा है कि शहर में कुत्ते पालने के शौकीन बढ़ रहे हैं। इसी के साथ शहर में बढ़ रहा है डॉग केयर का चलन। शहर में आजकल डॉग हॉस्टल का ट्रेंड बढ़ रहा है। कामकाजी लोग घर से बाहर निकलने की स्थिति में अपने प्यारे कुत्ते को यहां छोड़ जाते हैं। अगर आप छुट्टियों में शहर से बाहर जाना चाहते हैं और आपको चिंता अपने प्यारे डॉगी को लेकर है तो बेफिक्र हो जाइए। डॉगी को साथ लेकर जाने की मजबूरी बिल्कुल नहीं है। ऐसी स्थिति के लिए ही डॉग हॉस्टल हैं। ये हॉस्टल सभी जरूरी सुविधाओं से लैस हैं। यहा सुबह और शाम दोनों वक्त कुत्तों को सैर कराई जाती है। देखभाल के लिए कर्मचारी तैनात हैं। कुत्तों की जाच के लिए चिकित्सक भी आते हैं। इन इलाकों में चल रहे डॉग हॉस्टल

शहर के मैनपुरा, बेली रोड, गर्दनीबाग, रामकृष्णनगर, गोला रोड और फुलवारीशरीफ जैसे इलाकों में डॉग हॉस्टल चल रहे हैं। इनमें से कई जगह कुत्तों के लिए ट्रेनिंग की भी सुविधा भी है। वैसे कुत्तों को ट्रेनिंग देने वाले संस्थान हॉस्टल की अपेक्षा ज्यादा हैं। राजधानी के गोला रोड में चल रहे एक हॉस्टल में एक साथ करीब 200 कुत्तों को रखने की क्षमता है। ऐसे हॉस्टल में कोई नया कुत्ता आता है तो दाखिले से पहले उसके मालिक से एक फॉर्म भरवाया जाता है। इसमें कुत्ते की पूरी जानकारी होती है। मालिक से पूछकर खाने-पीने का मेन्यू तैयार किया जाता है। साथ ही परिवार को समय-समय पर व्हाट्स-अप, ईमेल और वीडियो के जरिये कुत्ते की जानकारी भी दी जाती है। अलग-अलग नस्ल के कुत्तों को रखने की फीस भी अलग है। कुत्तों की पूरी जिम्मेदारी हॉस्टल संचालक की होती है। लोगों को यह विकल्प रास आ रहा है। अब वह बिना संकोच अपने कुत्तों को छोड़कर छुट्टी पर बाहर जा सकते हैं। गर्मियों व सर्दियों की छुट्टियों में तो उनका हॉस्टल फुल रहता है।

400 रुपये दिन के हिसाब से देना होता है पैसा :

डॉग हॉस्टल में पालतू कुत्तों को रखा जाता है। इसमें उनके रहने से लेकर खाने-पीने की सारी व्यवस्था की जाती है। उन्हें चिकन-मटन से लेकर उनके नियमित डायट के मुताबिक खाने को दिया जाता है। एक कुत्ते की देखभाल के लिए 400 रुपये प्रतिदिन की दर से चार्ज किया जाता है। वैसे अलग-अलग डॉग हॉस्टल में चार्ज थोड़ा-बहुत कम-ज्यादा भी हो सकता है।

24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी :

इस हॉस्टल में जानवरों के लिए खेलकूद के साथ ही इंडोर और आउटडोर की भी सुविधा दी जाती है। कोई कुत्ता अगर खुले में घूमना पसंद करता है तो उसे ऐसा ही माहौल दिया जाता है। वही जो कुत्ता केज में रहना पसंद करता है, उसे एकांत में रहने का मौका दिया जाता है। यहां कुत्तों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे से 24 घंटे निगरानी की जाती है।

Posted By: Jagran

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