पटना [जागरण टीम]। सावन की पहली सोमवारी को बिहार में आस्‍था का सैलाब फूट पड़ा। श्रद्धालु विभिन्‍न मंदिरों में उमड़ पड़े। उधर, रविवार को भागलपुर में उत्‍तरवाहिनी गंगा का जल लेकर जाने वाले भक्‍त सुबह से ही झारखंड के देवघर स्थित शिव मंदिर में जलार्पण करते रहे।
शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब
भगवान शिव के सबसे प्रिय मास सावन की पहली सोमवारी पर शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इसे देखते हुए पटना सहित पूरे प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में विशेष इंतजाम किए गए। शिवभक्त इसके लिए रविवार से ही तैयारी में जुटे रहे। प्रसाद और फूलों की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। लोगों ने बेलपत्र की भी जमकर खरीदारी की।
सोमवारी पर बन रहे शुभ योग
पंडितों की मानें तो इस वर्ष सावन में चारों सोमवार बहुत ही अद्भुत संयोग में हैं। सावन में दो सोमवार कृष्ण पक्ष में और दो शुक्ल पक्ष में है। दो सोमवार को सोम प्रदोष व्रत तथा तीसरे सोमवार को बेहद कल्याणकारी नागपंचमी है। कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित राकेश झा शास्त्री ने कहा कि सावन मास के कृष्ण पक्ष में पंचमी तिथि को प्रथम सोमवार जयद योग में होने से भगवान शिव की पूजा बेलपत्र और दूध से अभिषेक करने से श्रद्धालुओं के समस्त दोष समाप्त हो जाएंगे। इसके अलावा रोगों से छुटकारा, पितृदोष से मुक्ति और व्यवसाय संबंधित बाधाओं मे समाधान मिलेगा। महामृत्युंजय मंत्र और गायत्री मंत्र के साथ अभिषेक-पूजन से सभी कष्ट पलभर में दूर हो जाते हैं।
शिवाभिषेक और श्रृंगार पूजा से मनोरथ होंगे पूर्ण
ज्योतिषी पंडित राकेश झा के अनुसार सावन के प्रथम सोम प्रदोष में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक और उनका श्रृंगार करने से श्रद्धालुओं के मनोरथ पूर्ण होंगे। शादी-विवाह में आने वाली अड़चनें भी दूर होंगी।
बोल बम के नारे से गूंजे प्रदेश के शिवालय
सावन की पहली सोमवारी पर पटना सहित प्रदेश के सभी शिवालय बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे से गूंजायमान रहे। सुबह से ही जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों की लंबी लाइन मंदिरों के बाहर देखी जा रही थी। पहली सोमवारी पर संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए। मंदिरों के बाहर और मुख्य मार्गों पर दंडाधिकारी और सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये। साथ ही कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी सेवा भाव का परिचय देते हुए शिवालयों में श्रद्धालुओं की सेवा में लगीं रहीं।
पूरे बिहार में दिख रहा आस्था का जन सैलाब
पटना के अलावा बिहार के विभिन्‍न भागों में भी आस्था का जन सैलाब फूटता दिखा। लखीसराय के अशोक धाम में पहली सोमावरी को भारी भीड़ दिखी। हर तरफ बोल बम के नारे लग रहे थे। लोग दूर-दूर से पैदल पांव और अपने साधनों से पहुंचकर विशाल शिवलिंग का जलाभिषेक करते रहे।

औरंगाबाद जिले में सावन की पहली सोमवारी को शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रखंड के देवकुली शिव मंदिर एवं पुनपुन नदी के तट पर सतियाड़े शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम में पूजा को श्रद्धालुओं की  भीड़ उमड़ पड़ी। शेखपुरा में सावन की पहली सोमवारी को जिला में सभी जगह हर-हर महादेव का जयघोष होता रहा। जिले के सभी शिव मंदिरों में सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। राजगीर में मठ मंदिरों की नगरी राजगीर के विभिन्न शिवालयों में श्रावणी माह के  प्रथम सोमवारी के दिन शिवभक्तों की भीड़ पूजा अर्चना के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।

कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ सहित भगवानपुर, अधौरा, चैनपुर, चांद, रामपुर, दुर्गावती, मोहनियां, कुदरा, रामगढ़, नुआंव प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों में सावन माह के पहली सोमवारी को श्रद्धालुओं की भीड़ सूर्योदय होते ही उमड़ पड़ी। छपरा में भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम शिवालयों में ब्रह्ममुहूर्त में ही पहुंच गया। सोनपुर के प्राचीन बाबा हरिहरनाथ मंदिर से लेकर छपरा के प्रसिद्ध धन्नी धर्मनाथ मंदिर तक हर हर महादेव से गूंजते रहे।
मधुबनी के पंडौल के प्रसिद्ध उगना शिवालय पर जलाभिषेक को शिवभक्त सुबह से कतारबद्ध दिखे। मधुबनी के जयनगर के शिलानाथ शिवालय, बिस्फी के भैरवा शिवालय व अंधराठाढ़ी के मदनेश्वर स्थान महादेव मंदिर
में भी दर्शन-पूजन को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बेतिया के सागर पोखरा शिव मंदिर व कालीबाग मंदिर में पहली सोमवारी पर जलाभिषेक को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बेतिया के चनपटिया में सावन माह की प्रथम सोमवारी पर निकली कांवड़ यात्रा निकाली गई।


सुल्‍तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम पहुंचे कांवड़िया
उधर, रविवार को भागलपुर के सुल्‍तानगंज के अजगवीनाथ स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर ढ़ाई लाख से अधिक कांवड़िया बाबा नगरी देवघर गए। बाबा रावणेश्वर धाम के लिए कांवरियो का जत्था अनवरत निकलता रहा। सुल्तानगंज-देवघर पथ पर रविवार को उमस भरी गर्मी व तेज धूप के बीच कोने-कोने में बम-बम भोले की गूंज थी। बोल-बम, हर-हर गंगे का जयघोष हर क्षण सुनाई पड़ रहा था।
रविवार को दोपहर 12 बजे के बाद गंगा घाटों पर कांवर लेकर चलने वाले कांवड़ियों की संख्या कम और डाक कांवड़ियों की संख्या ज्यादा थी। डाक कांवड़िये बिना रूके 108 किलोमीटर की यात्रा कर 24 घंटे के अंदर देवघर स्थित बाबा भोलेनाथ पर जल चढ़ाते हैं। रविवार को ढाई लाख से अधिक कांवड़िया बाबा धाम के लिए रवाना हुए।  जिसमें सवा लाख डाक कांवड़िया थे।
बाबाधाम में श्रद्धालुओं की 12 किमी तंबी कतार
देवघर स्थित बाबाधाम में कांवड़ियों का आना अनवरत जारी रहता है, लेकिन सोमवार को अधिक भीड़ देखी गई। डाक कांवड़िया रात 12 बजे से ही आने लगे थे। आज सुबह में तो बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा देवघर शहर केसरियामय हो गया। सोमवार को सुबह से ही भक्तों की कतार लगी हुई थी। मंदिर परिसर से लगभग 12 किमी लंबी लाइन लगी रही।

सावन में श्रद्धालुओं को सुखद अनुभूति देने के लिए देवघर नगर को सजाया गया है। यातायात सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, हेल्पलाइन नंबर, सोशल मीडिया समेत कई स्तर पर प्रशासन की ओर से कांवड़ियों को सुविधा देने की तैयारी है। देवघर के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पूरा प्रशासनिक अमला दायित्वों के निर्वहन को तैयार है।

Posted By: Amit Alok

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप