विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चार घंटे में दिल्ली टू पटना... दो में सिलीगुड़ी, Bullet Train से पकड़ेगी स्पीड; NHSRCL ने जारी की Global RFP

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:43 PM (IST)

दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए NHSRCL ने ग्लोबल आरएफपी जारी की है, जिससे पटना को भी हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी ...और पढ़ें

बुलेट ट्रेन(AI फोटो)

बुलेट ट्रेन(AI फोटो)

HighLights

  1. NHSRCL ने दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए ग्लोबल RFP जारी की।

  2. पटना को हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, यात्रा समय में कमी आएगी।

  3. दिल्ली से पटना 4 घंटे 41 मिनट, पटना-सिलीगुड़ी 2 घंटे में।

डिजिटल डेस्क, पटना। दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इसके लिए ग्लोबल आरएफपी जारी कर दी है। खास बात यह है कि इस कॉरिडोर से पटना को भी हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलने की योजना है।

प्रोजेक्ट के लिए छह साल की अवधि वाली कंसल्टेंसी एजेंसी का चयन किया जाएगा। एजेंसी शुरुआती दो साल में डिजाइन तैयार करेगी, जबकि अगले चार साल सलाहकार की भूमिका निभाएगी। जमीनी सर्वे का काम भी दो चरणों में कराया जा चुका है।

पटना से सिलीगुड़ी का सफर 2 घंटे में

प्रस्तावित टाइमिंग के मुताबिक पटना से सिलीगुड़ी की दूरी करीब 2 घंटे में पूरी करने का लक्ष्य है। वहीं दिल्ली से पटना का सफर 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होने का अनुमान है।

दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली से वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट में पहुंचने की टाइमिंग प्रस्तावित की गई है। दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर करीब 6 घंटे 45 मिनट में पूरा करने की योजना है।

बुलेट ट्रेन की रफ्तार देखिए

रूट प्रस्तावित समय
पटना से सिलीगुड़ी 2:00 घंटे
दिल्ली से पटना 4:41 घंटे
दिल्ली से लखनऊ 2:12 घंटे
दिल्ली से वाराणसी 3:50 घंटे
वाराणसी से सिलीगुड़ी 2:55 घंटे
दिल्ली से सिलीगुड़ी 6:45 घंटे

 

दो चरणों में बनेगा पूरा कॉरिडोर

दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को दो चरणों में विकसित करने की योजना है। पहला चरण दिल्ली से लखनऊ होते हुए वाराणसी तक 756 किलोमीटर का होगा, जबकि दूसरा चरण वाराणसी से सिलीगुड़ी तक करीब 744 किलोमीटर का होगा।

दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होने वाला कॉरिडोर नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर और लखनऊ होते हुए रायबरेली, प्रयागराज और भदोही के रास्ते वाराणसी तक पहुंचेगा।

350 की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन

एनएचएसआरसीएल की आरएफपी में 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए डबल लाइन कॉरिडोर की डिजाइन तैयार करने का प्रावधान है।

ब्रिज, पटरी, स्टेशन, डिपो, मेंटेनेंस डिपो, एप्रोच लाइन और फीडर सेक्शन समेत पूरे कॉरिडोर के सिविल निर्माण की डिजाइन तैयार की जाएगी। डिजाइन में अंतरराष्ट्रीय हाई स्पीड रेल मानकों को आधार बनाया जाएगा।

415 मीटर लंबा होगा प्लेटफॉर्म

प्रस्तावित बुलेट ट्रेन स्टेशनों पर 415 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म होंगे। स्टेशन बिल्डिंग का ब्लॉक 425 मीटर का होगा। वहीं भूमिगत सुरंगों की डिजाइन भी 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी।

कंसल्टेंट एजेंसी को डिजाइन बेसिस रिपोर्ट, सुरंग और भूमिगत स्टेशन की डिजाइन, तकनीकी स्पेसिफिकेशन और फाइनल डिजाइन तय समयसीमा में तैयार करनी होगी।

लखनऊ बनेगा बड़ा जंक्शन

इस प्रोजेक्ट में लखनऊ को जंक्शन के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां से बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का एक लिंक अयोध्या को भी जोड़ेगा।

पटना के लिए इस प्रोजेक्ट की सबसे अहम कड़ी पटना-सिलीगुड़ी करीब 2 घंटे और दिल्ली-पटना 4 घंटे 41 मिनट की प्रस्तावित यात्रा है। हालांकि ये यात्रा समय परियोजना के प्रस्तावित मानकों और डिजाइन पर आधारित हैं।

यह भी पढ़ें- Bullet Train Corridor: वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल से बिहार को बड़ी सौगात, बक्सर–भोजपुर–पटना को मिलेगा फायदा

यह भी पढ़ें- 120 से 300 Kmph की छलांग, Bullet Train और Vande Bharat पर आया बड़ा अपडेट; रेलवे ने तय की डेडलाइन