Bullet Train Corridor: वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल से बिहार को बड़ी सौगात, बक्सर–भोजपुर–पटना को मिलेगा फायदा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है, जिसमें वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर प्रमुख है। यह ...और पढ़ें

बिहार के कई शहरों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
केंद्रीय वित्त मंत्री ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर घोषित किए।
वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर दिल्ली को 'चिकन नेक' से जोड़ेगा।
भोजपुर के 38 गांवों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन परियोजना।
संवाद सूत्र, उदवंतनगर (आरा)। मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विकास को गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया।
इनमें वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भी शामिल है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस परियोजना को लेकर पहले से ही अपना होमवर्क पूरा कर लिया है।
इस कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली सीधे ‘चिकन नेक’ यानी सिलीगुड़ी से जुड़ जाएगी। इससे जहां एक ओर कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के औद्योगिक व आर्थिक क्षेत्रों को तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। वाराणसी से सिलीगुड़ी की लगभग 700 किलोमीटर की दूरी महज 2 घंटे 55 मिनट में तय की जा सकेगी। भविष्य में इस कॉरिडोर के गुवाहाटी तक विस्तार की भी संभावना है।
नए रूट के कारण बक्सर, भोजपुर और पटना जिलों के लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है, जबकि जहानाबाद और गया जैसे शहरों को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है।
2047 के लक्ष्य के तहत बदला गया रूट
वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में बुलेट ट्रेन परियोजना को अहम माना जा रहा है। पहले दिल्ली–हावड़ा बुलेट ट्रेन के लिए वाराणसी–आरा–पटना रूट पर एरियल सर्वे, सामाजिक-आर्थिक सर्वे और मिट्टी जांच की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट रेल मंत्रालय के माध्यम से पीएमओ को भेजी जा चुकी थी।
हालांकि 2026 के आम बजट में पूर्वोत्तर भारत को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली को वाराणसी होते हुए सिलीगुड़ी (चिकन नेक) से जोड़ने का फैसला किया गया, जिससे पटना के बाद रूट में बदलाव हुआ। ऐसे में कोलकाता तक बुलेट ट्रेन का सपना फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है।
बिहार में पांच संभावित स्टेशन
अब तक हुए फाइनल सर्वे के अनुसार हाई-स्पीड रेल बिहार में बक्सर से प्रवेश करेगी और भोजपुर, पटना, बेगूसराय, कटिहार व किशनगंज होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी।
इस रूट पर बक्सर, उदवंतनगर, पटना, कटिहार और किशनगंज में बुलेट ट्रेन के ठहराव की संभावना जताई जा रही है।हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सर्वे एजेंसी टीला कंसल्टेंट के सुपरवाइजर राज कुमार राव ने बताया कि उनकी कंपनी ने पहले वाराणसी से कोलकाता तक रूट सर्वे किया था।
अब पटना से सिलीगुड़ी तक के नए रूट का सर्वे भी टीला कंसल्टेंट ही करेगी। अगले अप्रैल तक सर्वे शुरू होने की उम्मीद है। वाराणसी से पटना तक करीब 200 किलोमीटर का सर्वे कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।
15 घंटे की दूरी घटकर 3 घंटे
बुलेट ट्रेन के निर्माण के बाद वाराणसी से सिलीगुड़ी की यात्रा, जो अभी करीब 15 घंटे में होती है, घटकर महज 2 घंटे 55 मिनट की रह जाएगी। पूरा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर एलिवेटेड होगा, जो जमीन से 12 से 15 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जाएगा।
भोजपुर के 38 गांवों से गुजरेगी बुलेट ट्रेन
भोजपुर जिले में बुलेट ट्रेन लगभग 50 किलोमीटर लंबाई में 38 गांवों से होकर गुजरेगी। इसके लिए करीब 96 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
भोजपुर में यह रूट महूरही, तियर उत्तरदाहा, कटाई बोझ, हेतमपुर, चकवा, दांवा, पानापुर, भटौली, हरदिया, बिमवां, तुलसी, हरिगांव, कौरा, जैतपुर, गड़हा, पातर, उदवंतनगर, तेतरिया, एकौना, खजुआता, पियनिया, चकिया, डिलिया, दरियापुर, बकरी, जलपुरा, जोकटा, भूरी, मानपुर, कोसिहान, गोपालपुर और लोदीपुर होते हुए खनगांव के समीप सोन नदी को पार करेगी।
