पटना, जेएनएन। अक्षय नवमी व कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान का बड़ा महत्व है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में गंगा स्नान करने पटना पहुंचते हैं। खासकर वैसे इलाके से जहां से गंगा नदी नहीं गुजरती हैं। गया, जहानाबाद, औरंगाबाद,  डेहरी ऑन सोन, सासाराम आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं व पुरुष गंगा स्नान करने पटना पहुंचते हैं। इनके लिए एकमात्र साधन रेल ही है। सोमवार की सुबह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सवारी ट्रेनों अथवा  मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों से हजाराें की संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे। सोमवार को पटना जंक्शन पर अपार भीड़ देखने को मिली। गया की ओर से आने वाली तमाम  ट्रेनें हाउसफुल होकर पटना पहुंच रही थी। पटना जंक्‍शन में बड़ी संख्‍या में इन लोगों ने डेरा जमा लिया है, जिसके कारण कोविड गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिख रहा।

जंक्‍शन पर ही डेरा जमा लिया

पटना जंक्शन पर काफी अर्से बाद ग्रामीण क्षेत्राें के इतनी महिलाओं का जमावड़ा लगा था। महिला व पुरुष श्रद्धालु पटना जंक्शन पहुंचते ही गंगा स्नान को निकल गए। गंगा स्नान से लौटने के बाद इनलोगों ने जंक्शन परिसर में ही डेरा जमा लिया। अपने घर से लाए गए लिट्टी-अंचार, सत्तू आदि खाकर वापस जाने के लिए  ट्रेनों का इंतजार करते रहे। ट्रेनों के कम संख्या में चलने के कारण श्रद्धालुओं को काफी अधिक परेशानियों  का सामना करना पड़ा। पूरे दिन श्रद्धालु पटना जंक्शन परिसर में ही डटे रहे। दोपहर बाद से सवारी ट्रेनों का परिचालन शुरू होने पर ही जंक्शन की भीड़ छंटने लगी। शाम होते-होते सारे श्रद्धालु किसी न किसी ट्रेन से वापस लौट गए।

बसों से भी भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

अक्षय नवमी पर गंगा स्नान करने के लिए बिहारशरीफ, नवादा, बरबीघा, शेखपुरा, जहानाबाद, गया, औरंगाबाद, डेहरी, सासाराम आदि क्षेत्रों के बड़ी संख्या में श्रद्धालु बसों से पटना पहुंचे। गंगा स्नान कर फिर से बसों से ही अपने घर वापस लौट गए। इसके कारण मीठापुर बस अड्डा पर भी भारी भीड़ जमा रही। बस पड़ाव पर कोई सुविधा न होने के कारण श्रद्धालु पटना जंक्शन पर ही आकर विश्राम करते रहे।

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