पटना/ सिवान, जागरण टीम। भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के बलहा अलीमर्दनपुर गांव में सोमवार की देर रात सनकी व्यक्ति अवधेश चौधरी ने अपने तीन पुत्रों और एक पुत्री की सोए अवस्था में कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। उसने अपनी पत्नी और एक पुत्री पर भी जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद बाहर निकल डीएम व थानाध्यक्ष को फोन कर पूरा घटनाक्रम सुनाने का प्रयास किया। फोन रिसीव न होने पर घर वापसी के वक्त स्थानीय थाने के गश्ती दल को रोका और घटना की जानकारी दी। उससे पूरा वाकया सुन पुलिस दंग रह गई।

पुलिस उसे हिरासत में लेकर जब उसके घर पहुंची तो पाया कि तीन के शव कमरे में पड़े थे। जबकि पत्नी, एक पुत्र व एक पुत्री की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा। लेकिन रास्ते में एक और पुत्र की मौत हो गई। मृतकों में अवधेश चौधरी की 17 वर्षीय पुत्री ज्योति कुमारी, 15 वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार, 12 वर्षीय नीतेश कुमार उर्फ भोला और नौ वर्षीय मुकेश कुमार हैं। गंभीर रूप से घायलों में पत्नी रीता देवी व 14 वर्षीय बेटी अंजलि कुमारी शामिल हैं। दोनों का पटना इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। 

आत्महत्या की कोशिश की 

अवधेश ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद आत्महत्या करने के लिए उसने केरोसिन पीने के बाद जहर खाया। यह जान पुलिस ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अभिरक्षा में इलाज चल रहा है।

मां को दी वारदात की जानकारी

उसने पुलिस को बताया कि अवधेश सोमवार की देर रात खाना खाने के बाद टहलने निकला था। जब उसे मानसिक स्थिति ठीक नहीं लगी तो वह घर पहुंचा और घर में रखी कुल्हाड़ी से बारी-बारी से अलग-अलग कमरे में सोए हुए पत्नी व बच्चों पर वार कर दिया। अवधेश ने बताया कि नए घर में पत्नी व बच्चों को मारने के बाद पास के पुराने घर में अपनी मां को भी घटना की जानकारी दी। 

पेट्रोल पंप से लिया डीएम का फोन नंबर 

वारदात को अंजाम देने के बाद मोरा गांव स्थित पेट्रोल पंप पर गया और वहां से जिलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष का फोन नंबर लेकर फोन किया। दोनों फोन नहीं उठने के कारण वह घर लौट रहा था तभी रास्ते में गश्ती दल से उसकी मुलाकात हो गई।  मंगलवार की शाम एसडीपीओ सदर जितेन्द्र पांडेय के साथ मुजफ्फरपुर की फोरेंसिक टीम जांच को गांव पहुंची। टीम ने जांच की और नमूने लिए। मृतकों के रिश्तेदारों ने एसडीपीओ का विरोध किया। एसडीपीओ ने पुलिस कार्रवाई का हवाला देकर शांत कराया।

 

पहले भी मानसिक असंतुलन का शिकार रहा

ग्रामीणों के अनुसार अवधेश कोई नशा नहीं करता था। किसी से झगड़ा भी नहीं करता था। व्यवहार भी ठीक ही था। हालांकि अवधेश की मां सुदामी कुंवर, पड़ोसी विक्की कुमार, पप्पू कुमार तथा राजकुमार ने बताया कि वह पहले मानसिक रूप से बीमार रह चुका था। 

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