UPI Payment पर अब चार्ज? किस पर लगेगा शुल्क और किसे मिलेगी छूट, भाकपा ने उठाए सवाल
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बिहार राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने UPI पर नए शुल्क ढांचे का विरोध करते हुए इसे ...और पढ़ें

भाकपा ने जताई आपत्ति
HighLights
भाकपा ने UPI पर नए शुल्क ढांचे का विरोध किया।
सरकार ने स्पष्ट किया P2P, छोटे व्यापारी भुगतान निःशुल्क।
₹2000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर MDR।
राज्य ब्यूरो, पटना। UPI पर नए शुल्क ढांचे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बिहार राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने सरकार से UPI पर शुल्क लगाने का फैसला वापस लेने की मांग की है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि यह फैसला अमेरिकी दबाव में किया गया है। हालांकि केंद्र सरकार ने विदेशी प्रभाव के आरोप को खारिज किया है।
भाकपा ने जताई आपत्ति
रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि सरकार भले ही ग्राहकों से सीधे शुल्क नहीं लेने की बात कह रही हो, लेकिन व्यापारियों पर बढ़ने वाला खर्च आगे चलकर ग्राहकों पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से UPI को पूरी तरह शुल्कमुक्त रखने की मांग की।
ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा UPI शुल्क
केंद्र सरकार के अनुसार व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) सभी UPI लेन-देन मुफ्त रहेंगे। व्यापारियों को ₹2,000 तक किए जाने वाले भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा। छोटे व्यापारियों के लिए भी जीरो-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।
96 प्रतिशत व्यापारी लेन-देन भी रहेंगे मुफ्त
सरकार के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत P2M लेन-देन नए MDR ढांचे से प्रभावित नहीं होंगे। चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेन-देन पर MDR लागू होगा।
यह शुल्क सरकार या NPCI द्वारा कर के रूप में नहीं लिया जाएगा, बल्कि भुगतान तंत्र से जुड़े भागीदारों के बीच वितरित होगा।
सरकार ने बताया बदलाव का मकसद
केंद्र के अनुसार नए ढांचे का उद्देश्य UPI व्यवस्था की दीर्घकालिक स्थिरता, तकनीकी विकास और सुरक्षा को मजबूत करना है।
ऐसे में जहां भाकपा ने शुल्क व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, वहीं सरकार का कहना है कि आम यूजर और अधिकांश छोटे लेन-देन पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
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