राज्य ब्यूरो, पटना। कोरोना के तीव्र गति से बढ़ रहे मामले को ध्यान में रख सरकार ने सभी स्कूल, कॉलेज व कोचिंग संस्थानों को अठारह अप्रैल तक बंद रखने का फैसला लिया है। पहले बंदी ग्यारह अप्रैल तक थी। पूर्व से तय परीक्षाएं अपने तय समय पर होंगी। वहीं सभी तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठान अगले तीस अप्रैल तक शाम सात बजे तक ही खुले रहेंगे। अकस्मिक सेवा जैसे मेडिकल स्टोर पर ये बंदिशें लागू नहीं होंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की बैठक में यह तय हुआ था कि ग्यारह से चौदह अप्रैल तक टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। बिहार में भी यह अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में आयोजित मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी गयी।

सरकार का फैसला

1. सभी धार्मिक स्थल आमजनों के लिए तीस अप्रैल तक बंद

2. निजी दफ्तर 35 फीसद उपस्थिति के साथ ही चलेंगे, औद्योगिक प्रतिष्ठानों को छूट

3. सरकारी दफ्तरों में उप सचिव से ऊपर के अधिकारी की शत प्रतिशत उपस्थिति, नीचे के कर्मी 35 प्रतिशत ही आएंगे

4.-पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनी क्षमता का पचास फीसदी ही उपयोग करेंगे

5. पार्क व उद्यान में मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा

6. रेस्टोरेंट व भोजनालय अपनी क्षमता के केवल 25 फीसद ग्राहकों को ही सेवा देंगे

मामले और बढ़े तो रात्रि कर्फ्यू

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में रात्रि कर्फ्यू पर भी चर्चा हुई पर तय यह हुआ कि चार-पांच दिन पूरी स्थिति नजर रखी जाएगी। अगर मामले और बढ़े तो इस बारे में सोचा जाएगा।

इस तरह से लगी रोक

मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेेलन में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कोरोना की वजह से लगी रोक के बारे में विस्तार से बताया। स्कूल, कॉलेज व कोचिंग संस्थानों की ग्यारह अप्रैल तक की बंदी को सात दिन और बढ़ाकर अठारह अप्रैल तक कर दिया गया है। सभी दुकान व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अगले तीस अप्रैल तक शाम सात बजे तक ही खुलेंगे। दिन में खुलने वाले इन प्रतिष्ठानों में मास्क के बगैर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सभी दुकानदारों को अनिवार्य रूप से सैनिटाइजर रखना होगा। वैसे रेस्टोरेंट, भोजनालय और ढाबों को थोड़ी राहत दी गयी है। इनके प्रतिष्ठान अपनी क्षमता के पच्चीस प्रतिशत ग्राहकों के साथ शाम सात बजे के बाद भी खुले रहेंगे। होम डिलेवरी व टेक अवे सर्विस को बंदिशों से मुक्त रखा गया है। सभी तरह के धार्मिक स्थल अगले तीस अप्रैल तक आम लोगों के लिए बंद रहेंगे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहन अपनी क्षमता का पचास प्रतिशत ही उपयोग कर सकेंगे। सिनेमा हॉल पचास प्रतिशत क्षमता के साथ ही चलेंगे। निजी कार्यालय का संचालन पैैंतीस प्रतिशत उपस्थिति के साथ ही होगा। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को छूट दी गयी है। सरकारी दफ्तरों में उप सचिव के ऊपर स्तर तक के अधिकारी नियमित रूप से आएंगे और उनके नीचे के कर्मी की उपस्थिति रोटेशन के आधार पर पैैंतीस प्रतिशत तक रहेगी। श्राद्ध व शादी-ब्याह में दो सौ तथा अंतिम संस्कार में पचास लोग ही शामिल हो सकेंगे।

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