पटना, स्‍टेट ब्यूरो। CoronaVirus: बिहार में डॉक्‍टर बेखौफ होकर काेरोना संक्रमित व संदिग्‍ध मरीजों को इलाज करें। उनकी सुरक्षा के लिए पर्सनल प्रोटेक्‍शन किट (PPE) की कीम नहीं है। आगे भी इसकी कमी नहीं होने दी जाएगी। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने दी है। आगे भी इनकी कमी नहीं हो, इसके लिए राज्‍य सरकार ने केंद्र से ऑर किट की मांग की है।

केंद्र से राज्‍य सरकार की पीपीई किट की गुहार

बिहार में कोरोना के लगातार बढ़ते संदिग्ध मामलों ने सरकार की परेशानी बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा समस्या कोरोना मरीजों और संदिग्धों की तीमारदारी में लगे डॉक्टरों नर्सों और पारा मेडिकल स्टाफ को हो रही है। यही वे लोग हैं जो अपनी जान जोखिम में डाल कोरोना की आशंका वाले लोगों के अलावा संक्रमितों को ठीक करने की मुहिम में जुटे हैं।

हालांकि, राज्य में फिलहाल पर्सनल प्रोटेक्शन किट पीपीई की कोई कमी नहीं है लेकिन सरकार को अंदेशा है कि आने वाले दिनों में किट की कमी बड़ी समस्या बनेगी। इस आशंका को देखते हुए सरकार ने केंद्र सरकार से इनकी मांग की है। साथ ही एन 95 मास्क की आपूर्ति की भी गुहार लगाई है। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच हुई वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य सचिव दीपक कुमार ने यह मसला उठाया।

राज्‍य में अब तक मिले छह पॉजिटिव मामले

राज्‍य में अब तक कोरोना के कुल छह संक्रमित (Corona Positive) मामले मिले हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या के बढ़ने से इन्‍कार नहीं किया जा सकता है। पिछले तीन-चार दिनों से ऐसी अफवाह उड़ रही है कि अस्पतालों में डॉक्टरों तथा नर्सों व कोरोना की जांच में जुटे अन्‍य पारा मेडिकल स्टाफ को एड्स की जांच में उपयोग किए जाने वाले किट दिए जा रहे हैं। सरकार ने इसे खारिज किया है। इधर, राज्य के कई मेडिकल कॉलेज अस्पतालों ने भी इससे इन्‍कार किया है।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा है कि पर्सनल प्रोटेक्शन किट की कमी नहीं है। केंद्र सरकार से और किट की मांग की जा रही है। ऐसी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ महामारी रेगुलेशन के तहत कार्रवाई होगी।

दरभंगा में चाहिए और 500 किट 

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरआर प्रसाद ने बताया कि में पीपीई के करीब 140 किट उपलब्ध हैं। साथ ही बिहार सरकार को 500 किट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। स्थानीय स्तर पर कुछ किट खरीदारी की बात भी अधीक्षक ने कही है।

सीतामढ़ी में कोरोना के संदिग्धों के इलाज की व्‍यवस्‍था देख रहे चिकित्सकों और कर्मचारियों को पर्सनल प्रोटेक्शन उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराए जा चुके हैं। हालांकि, इसे नाकाफी बताया जा रहा है। अभी पांच हजार किट और चाहिए। 3500 किट दिए गए हैं।

मुजफ्फरपुर में पर्याप्‍त किट उपलब्‍ध

मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्‍ण मेडिकल कॉलेज अस्‍पताल (SKMCH) के अधीक्षक डॉ. सुनील शाही ने बताया कि प्रतिदिन लोग जांच के लिए आ रहे हैं । जांच के लिए सरकार के प्रोटोकॉल के हिसाब से पर्याप्त किट उपलब्ध हैं। आने वाले दिनों में जब मरीज भर्ती होंगे, उस समय के लिए भी जो जरूरी जांच किट चाहिए उनके भी इंतजाम किए गए हैं।

पूर्वी चम्पारण में कोरोना के संदिग्धों के इलाज की व्‍यवस्‍था देख रहे चिकित्सकों और कर्मचारियों को पर्सनल प्रोटेक्शन उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं। सांसद राधामोहन सिंह द्वारा उपलब्ध कराई राशि से भी पीपीई की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्‍पताल, बेतिया में कोरोना के संदिग्धों के इलाज में लगे चिकित्सकों और कर्मचारियों को पर्सनल प्रोटेक्शन उपकरण (पीपीई) उपलब्ध करा दिए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि इसकी किल्लत नहीं है।

गया में सभी डॉक्‍टरों व स्‍टाफ को दिए गए हैं किट

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कालेज अस्‍पताल (ANMCH) में डाक्टरों एवं आइसोलेशन वार्ड के सभी स्टाफ को पीपीई किट दिए गए हैं। हालांकि, पावापुरी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. ज्ञानभूषण ने इसकी जानकारी देने से इन्‍कार कर दिया। कहा, सरकार को इस बाबत बता दिया गया है।

पीएमसीएच-एनएमसीएच में भी किट क कमी नहीं

जहां तक राज्‍य के सबसे बड़े अस्‍पताल पटना मेडिकल कॉलेज अस्‍पताल (PMCH) तथा कोरोना स्‍पेशल अस्‍पताल नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्‍पताल (NMCH) की बात है, दोनों के चिकित्‍सा अधीक्षकों ने भी पर्सनल प्रोटेक्शन किट की कमी की बात से इन्‍कार किया है।

Posted By: Amit Alok

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