जागरण संवादाता, गोपालगंज: कोरोना संक्रमण के बीच बिहार के लिए नई चिंता पैदा हो गई है। गोपालगंज के बरौली थाना क्षेत्र के जलपुरवा गांव निवासी एक कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की ब्लैक फंगस के कारण दोनों आंखों की रोशनी चली गई है। इसकी पुष्टि पटना आइजाआइएमएस के चिकित्सकों ने की है। कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग मरीज का उपचार पटना में प्रारंभ कर दिया गया है। 

बुखार होने पर कराया था भर्ती

बताया जाता है कि जलपुरवा गांव निवासी 60 वर्षीय शब्बीर आलम को दस दिन पूर्व बुखार होने पर स्वजनों ने उनकी कोरोना जांच कराई थी। टेस्ट के बाद उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परिवार के लोगों ने उन्हें होम आइसोलेशन में रखा। जिसके बाद उनका चिकित्सकों की सलाह पर उपचार प्रारंभ कराया गया।

पहले दिखा धुंधला, फिर चली गई रोशनी

इसी बीच शुक्रवार की शाम एक आंख में दर्द होने के बाद इन्हें धुंधला दिखने लगा। शनिवार की दोपहर दूसरी आंख में भी दर्द होने लगा। दो घंटे बाद इनकी दोनों आंख की रोशनी चली गई। दोनों आंख से कुछ दिखाई नहीं देने की बात बताने पर स्वजन उन्हें इलाज के लिए पटना आइजीआइएमएस में भर्ती करा दिया। जहां रविवार को चिकित्सकों ने ब्लैक फंगस की पुष्टि करने के बाद उनका उपचार शुरू कर दिया। इसकी जानकारी बुजुर्ग के रिश्तेदार परवेज आलम ने दी।

पहला मामला जब ब्लैक फंगस ने पहुंचाया नुकसान

गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना के अस्पतालों में ब्लैक फंगस अबतक 39 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें एक महिला ब्लैक फंगस को मात दे चुकी है। महिला स्वस्थ होकर घर लौट चुकी है। गोपालगंज में आखों की रोशनी जाने का पहला मामला सामने आया है। इसके पहले अबतक ब्लैक फंगस ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था। मरीज की आंखों की रोशनी जाने से बिहार का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।