दरभंगा, जेएनएन। राजनीतिक करियर में भाजपा में रहने के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की कटु आलोचना करने वाले पूर्व सांसद कीर्ति झा आजाद ने जैसे ही अरुण जेटली के निधन की खबर सुनी, सुनकर वो उदास हो गए और उन्हें अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे बहुत अच्छे व्यक्ति थे। क्रिकेट को लेकर हमारे बीच अंतर्विरोध एवं कुछ गलत फहमियां थीं। व्यक्तिगत रूप से मैं उनका प्रशंसक रहा हूं और वो काफी अच्छे राजनेता थे। ईश्वर से प्रार्थना है कि अपने श्रीचरणों में उन्हें जगह दें। परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

कभी भाजपा का हिस्सा रहे कीर्ति आजाद और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच हमेशा से छत्तीस का आंकड़ा रहा । इसके लिए दिल्ली की क्रिकेट से ज्यादा बिहार की राजनीति जिम्मेदार रही है। क्रिकेट के मैदान में यह किसी से छिपा नहीं कि जैसे-जैसे अरुण जेटली का प्रभाव बढ़ा उसी अनुपात में कीर्ति आजाद हाशिये पर भी गए और कीर्ति आजाद की नाराजगी का कारण मात्र क्रिकेट नहीं बिहार की राजनीति भी रही है।

हालांकि कोटला की पिच का अमूमन बिहार की राजनीति के मैदान से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए, लेकिन जेटली और कीर्ति के बीच जारी जंग में दोनों जगह समानांतर सह-मात का खेल चलता रहा। कभी जेटली जीते तो कभी कीर्ति ने उनकी नहीं चलने दी थी इसी को लेकर दोनों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर मनमुटाव बना रहा। फिर निलंबन के बाद कीर्ति ने पार्टी छोड़ दी। 

 

Posted By: Kajal Kumari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस