'भारत के युवाओं को कोई नहीं रोक सकता...', ट्रेनें कैंसिल होने पर चिराग पासवान ने दागा सवाल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के चलते ट्रेनें रद होने पर चिराग पासवान ने बयान दिया है।

'भारत के युवाओं को कोई नहीं रोक सकता...', ट्रेनें कैंसिल होने पर चिराग पासवान ने दागा सवाल
HighLights
सीजेपी प्रदर्शन के चलते रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द कीं।
चिराग पासवान ने कहा 'भारत के युवाओं को कोई नहीं रोक सकता'।
उन्होंने राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग से संवाद करने की सलाह दी।
डिजिटल डेस्क, पटना। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर दिल्ली (जंतर-मंतर) में 10 अक्टूबर को सीजेपी ने प्रदर्शन का एलान किया है। सीजेपी के प्रोटेस्ट CJP Protest) को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
रेलवे ने भी बिहार-यूपी समेत कई राज्यों से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। रेलवे के इस फैसले पर अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) का बयान सामने आया है।
'भारत के युवाओं को कोई नहीं रोक सकता'
शुक्रवार को सोनीपत के कुंडली पहुंचे चिराग पासवान ने कहा कि ये भारत के युवा हैं, इन्हें कोई नहीं रोक सकता। जो लोग इस तरह की गलतफहमियां फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे मैं पूछता हूं: आखिर कोई कितनी ट्रेनें रोक सकता है? कितनी कनेक्टिविटी बाधित हो सकती है? कितनी सड़कें जाम हो सकती हैं?
ये भारत के युवा हैं... इनमें दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता है, ठीक वैसे ही जैसे पिछली पीढ़ियों ने किया है, इसलिए, इन्हें कोई रोक नहीं सकता। - चिराग पासवान
#WATCH | Sonipat, Haryana: On the cancellation of trains, Union Minister Chirag Paswan says, "These are the youth of India—nothing can stop them. To those attempting to spread such misconceptions, I ask: how many trains can anyone really stop? How much connectivity can be blocked? How many roads can be jammed? These are India's youth; they possess the capacity to show the world the way—just as previous generations have done—and so, nothing can hold them back."
— ANI (@ANI) October 9, 2026
'रोजाना विरोध प्रदर्शन नहीं करना चाहिए'
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को कहा था कि चुनाव प्रक्रिया पर चिंता जताने वाले राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग के साथ बातचीत कर समाधान खोजना चाहिए, न कि रोजाना विरोध प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल संवाद के जरिए ही निकल सकता है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष ने आगे कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष वास्तव में समाधान चाहता है या सिर्फ हंगामा खड़ा करने में रुचि रखता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। आपको उसके पास जाने, समय मांगने, प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने और अपने सवाल रखने की पूरी आजादी है। आयोग के साथ संवाद करें और बातचीत के जरिए जवाब मांगें, न कि रोजाना विरोध प्रदर्शन करें।
पासवान ने आगे कहा, "यदि आप असंतुष्ट हैं, तो आप फिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं या विरोध कर सकते हैं। लेकिन दिन-ब-दिन प्रदर्शन करना, दिल्ली की सड़कों पर लेटना और आम नागरिकों को असुविधा पहुंचाना यह दर्शाता है कि आप समाधान नहीं चाहते।"
