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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाल मन का कमाल, आर्सेनिक युक्त पानी से 'आजाद' हुए ग्रामीण

By JagranEdited By:
Published: Wed, 09 Dec 2020 02:04 AM (IST)

बिहार बाल भवन किलकारी के बाल विज्ञानियों ने फिर बड़ा कमाल किया है। इन बच्चों ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ...और पढ़ें

बाल मन का कमाल, आर्सेनिक युक्त पानी से 'आजाद' हुए ग्रामीण
बाल मन का कमाल, आर्सेनिक युक्त पानी से 'आजाद' हुए ग्रामीण

पिंटू कुमार, पटना। बिहार बाल भवन किलकारी के बाल विज्ञानियों ने फिर बड़ा कमाल किया है। इन बच्चों ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के साथ मिलकर ग्रामीणों को आर्सेनिक मुक्त पानी दिलाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए बाल विज्ञानियों ने आर्सेनिक फिल्ट्रेशन यूनिट तैयार की है। यह यूनिट मनेर प्रखंड के सुअर मरवा गांव में लगाई गई है। फिलहाल, यह प्रायोगिक दौर में है। अगर यह सफल रही तो बाल विज्ञानियों की मेहनत से बड़ा चमत्कार सामने आने वाला है। हैंडपंप में फिट की गई है यूनिट :

बाल विज्ञानी अक्षत आदर्श, अíपत व अभिजीत द्वारा तैयार आर्सेनिक फिल्ट्रेशन यूनिट को सुअर मरवा गांव के हैंडपंप में लगाया गया है। यह पानी से आर्सेनिक को छानकर (फिल्टर) बाहर कर देती है। पीएचईडी के सहयोग से इसे इसी वर्ष नवंबर में हैंडपंप लगाया गया है। हैंडपंप से बड़ी मात्रा में आर्सेनिक निकल रहा था। यूनिट लगने के बाद अब लोगों को आर्सेनिक मुक्त पानी मिलने लगा है। इसके बावजूद पानी की नियमित जांच हो रही है। चुंबकीय सिद्धांत पर काम करती है यह इकाई :

हैंडपंप में लगी यूनिट मैग्नेटिक थ्योरी (चुंबकीय सिद्धांत) पर कार्य करती है। बाल विज्ञानियों के साथ मिलकर पीएचईडी विभाग लगातार इसकी मॉनीटरिग कर रहा है। इस यूनिट को दो मंचों पर राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता में पुरस्कार भी मिल चुका है। इसे पेटेंट कराने के लिए बिहार काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने एक लाख रुपये की आर्थिक मदद भी की है।

सिर्फ 1800 रुपये खर्च कर तैयार की गई यूनिट :

आर्सेनिक युक्त पानी को 'आजादी' दिलाने वाली इस यूनिट को महज 1800 रुपये खर्च करके तैयार किया गया है। यह यूनिट पानी से आर्सेनिक को मैग्नेटिक प्रोसेस से फिल्टर कर देती है। इसे दो साल पहले 2018 में बाल विज्ञानियों ने तैयार की थी।

कोट :-

किलकारी के बाल विज्ञानियों द्वारा तैयार यूनिट को पीएचईडी विभाग के सहयोग से लगाया गया है। अगर वह सफल रही तो यह किलकारी के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

-ज्योति परिहार, निदेशक, बिहार बाल भवन, किलकारी

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जिस हैंडपंप में यूनिट लगी है, फिलहाल उससे आर्सेनिक मुक्त पानी मिल रहा। पानी में आर्सेनिक निकल रहा कि नहीं, इसकी जांच हम लोग हर सप्ताह कर रहे हैं। हालांकि, रासायनिक विश्लेषण जांच में पता चला है कि पानी से आर्सेनिक नहीं आ रहा है।

-अक्षत आदर्श, बाल वैज्ञानिक, किलकारी

--------- किलकारी के बाल विज्ञानियों द्वारा तैयार यूनिट को प्रायोगिक तौर पर मनेर के सुअर मरवा गांव में लगाया गया है। फिलहाल, आर्सेनिक नहीं निकल रहा है। नमूने को जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला में भेजा गया है। दो दिन बाद जांच रिपोर्ट आएगी। अगर यूनिट आर्सेनिक को फिल्टर करने में सक्षम रही तो वृहद स्तर पर काम होगा।

-करुणेश कुमार नारायण, एक्जिक्यूटिव इंजीनियर, पीएचईडी, पश्चिमी पटना डिविजन

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