तंत्र साधना से वेद विद्यालय तक: 51 किलो चांदी के सिंहासन पर विराजेंगी मां छोटी पटनदेवी, 2027 तक क्या बदलेगा?
पटना सिटी के छोटी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार 2027 तक पूरा होगा, जहां इस नवरात्र पर भगवती 51 किलो चांदी ...और पढ़ें

मां छोटी पटनदेवी मंदिर का मॉडल। सौ- मंदिर
HighLights
छोटी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार 2027 नवरात्र तक पूरा होगा।
इस नवरात्र पर 51 किलो चांदी के सिंहासन पर विराजेंगी भगवती।
मंदिर में 51 शक्तिपीठों की अनुकृति, वेद विद्यालय भी बनेगा।
अनिल कुमार, पटना सिटी। सिद्ध शक्तिपीठ छोटी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार अगले वर्ष 2027 के नवरात्र तक पूरा होगा।
छोटी पटनदेवी में इस बार नवरात्र पर 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के दिन 51 किलो चांदी के जयपुरिया सिंहासन पर भगवती विराजेगी।
यह जानकारी रविवार को पीठाचार्य आचार्य अनंत अभिषेक द्विवेदी व गौ मानस सेवा संस्थानम के अध्यक्ष बाबा विवेक द्विवेदी ने दी।
बताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य पांच वर्षों से जारी है। उन्होंने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्धार गौ मानस सेवा संस्थानम धर्मादाय ट्रस्ट के सहयोग से किया जा रहा है। निर्माण में आम नागरिक स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं।
11 किलो सोने से बनेगा स्वर्ण शीर्ष कलश
बाबा ने बताया कि मंदिर के पहले तल पर विश्व की 51 शक्तिपीठों की अनुकृति बनेगी। इनमें पाकिस्ताल, बांग्लादेश और नेपाल की भी शक्तिपीठ शामिल हैं।
उन स्थानों से मिट्टी मंगाई जाएगी, जिससे उनकी अनुकृति बनेगी। माता छोटी पटनदेवी अपने मूल स्थान पर ही विराजमान रहेगी। उन्होंने बताया कि पांच मंजिला भवन का निर्माण हो चुका है।
अब 54 फीट का गुम्बज का निर्माण अगले वर्ष के नवरात्र पर पूरा हो जाएगा। ग्यारह किलो सोने से स्वर्ण शीर्ष कलश बनेगा।
दूसरे तल्ले पर तंत्रा साधना तथा तीसरे व चाैथे तल्ले पर वेद विद्यालय की स्थापना
बाबा ने बताया कि दूसरे तल्ले पर तंत्रा साधना के लिए दस महाविद्या तथा तीसरे व चाैथे तल्ले पर वेद विद्यालय की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस्कान मंदिर की तरह ट्रस्ट अपने सदस्यों को दर्शन व विश्राम के साथ-साथ नगर भ्रमण की सुविधा देगी।
उन्होंने बताया कि देश के समस्त शक्तिपीठों से इस मंदिर को जोड़ने का प्रयास जारी है ताकि बिहार के बाहर के भी सदस्यों को सुविधाएं मिल सकें।

( बाबा विवेक द्विवेदी एवं पीठाचार्य आचार्य अनंत अभिषेक द्विवेदी।)
संत निवास, अतिथि गृह व वृद्धाश्रम की भी है योजना
बाबा विवेक द्विवेदी ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद परिसर में संत निवास व अतिथि गृह निर्माण की योजना है।
साथ ही निर्धन कन्याओं के शादी के लिए मंगल मंडपम व बेसहारा वृद्धों के लिए चिकित्सा सुविधायुक्त वृद्धाश्रम की भी स्थापना की जाएगी।
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