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4 साल से बरामदे में विराजमान हैं बड़ी पटनदेवी, 7.75 करोड़ की योजना के बाद भी मंदिर अधूरा; महंत ने लिया खास संकल्प

Published: Sun, 30 Aug 2026 11:01 AM (IST)

पटना सिटी के बड़ी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य चार साल से कछुआ गति से चल रहा है, जिससे भक्त ...और पढ़ें

निर्माणाधीन मंदिर और बड़ी पटनदेवी जी।

निर्माणाधीन मंदिर और बड़ी पटनदेवी जी।

अनिल कुमार, पटना सिटी। भारतवर्ष के 51 शक्तिपीठों में शामिल बड़ी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य चार वर्षों से कच्छप गति से चल रहा है।

इससे सैकड़ों देवी भक्तों में रोष गहराता जा रहा है। शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी के महंत विजय शंकर गिरी ने शनिवार को कहा कि उन्हें पूरी आशंका है कि इस वर्ष भी नवरात्र में भगवती की नए भवन में प्राण-प्रतिष्ठा नहीं हो पाएगी।

महंत ने बताया कि वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब नवरात्र के दौरान मंदिर पहुंचे थे, तब उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि वर्ष 2023 के नवरात्र तक भगवती की पूजा नए भवन में शुरू हो जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के निर्देश पर 7.75 करोड़ रुपये से अधिक की योजना स्वीकृत होने के बावजूद भगवती चार वर्षों से अधिक समय से बरामदे में विराजमान हैं।

मंदिर का निर्माण कार्य धीमी गति से चलने के कारण भक्त नए भवन में भगवती की आराधना नहीं कर पा रहे हैं। निर्माण कार्य में देरी को लेकर महंत अधिकारियों के रवैये से बेहद निराश हैं।

महंत बोले- हर वर्ष मिलती है पूरी होने की नई तारीख

महंत विजय शंकर गिरी ने बताया कि पटना के तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने 12 अक्टूबर 2023 तक मुख्य भवन का निर्माण पूरा करने का आदेश दिया था।

इसके साथ भवन में बेदी का निर्माण, बगल में सीढ़ी और शौचालयों की बेहतर व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया था।

इसके अगले वर्ष 16 जुलाई 2024 को हुई विभागीय बैठक में भी नवरात्र से पहले मुख्य भवन का निर्माण पूरा करने का आदेश दिया गया।

5 अक्टूबर 2024 को शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी के निरीक्षण के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी ने बताया था कि करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और तीन महीने में मंदिर का मुख्य भवन तैयार हो जाएगा।

7 जून 2025 को तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने निरीक्षण के दौरान मुख्य भवन का निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश दिया था।

उस समय भी नवरात्र से पहले भवन तैयार होने की बात कही गई थी। इसके बाद भी वरीय अधिकारी आते रहे और निर्माण पूरा होने की नई तारीख देते रहे, लेकिन अब तक भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।

महंत ने बताया कि कार्यपालक अभियंता ओमप्रकाश त्यागी ने पिछले वर्ष जानकारी दी थी कि निर्माण में कुछ तकनीकी समस्याएं आ रही थीं, जिन्हें दूर कर लिया गया है।

मंदिर की नींव को भी मजबूत किया गया है। इसके सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार ने 1.76 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री ने भी बड़ी पटनदेवी क्षेत्र के विकास का दिया था आदेश

महंत ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भगवती के दर्शन कर आशीर्वाद लेने के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को और विकसित करने का निर्देश दिया था, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बड़ी पटनदेवी क्षेत्र में कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम करने और वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को बेहतर करने का भी निर्देश दिया था।

महंत का संकल्प- मूल स्थान पर नहीं विराजेंगी भगवती, तब तक नहीं बनाऊंगा बाल-दाढ़ी

Mahant

महंत विजय शंकर गिरी ने कहा कि भगवती को बरामदे में विराजमान देखकर उन्हें बेहद कष्ट होता है। उन्होंने चार वर्ष पहले संकल्प लिया था कि जब तक भगवती अपने भव्य मूल स्थान पर विराजमान नहीं होंगी, तब तक वह बाल-दाढ़ी नहीं बनवाएंगे।

चार वर्ष बीत गए। महंत की जटाएं और दाढ़ी बढ़ती गईं, लेकिन उनका संकल्प आज भी अडिग है। महंत ने कहा, "मां का घर बन जाएगा, तभी मेरा संकल्प पूरा होगा।"