पटना [जेएनएन]। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) की मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाओं में कम अंक आने पर स्क्रूटनी के लिए आवेदन देने वाले परीक्षार्थियों के पास नंबर बढ़ाने के लिए कोॅल आ रहे हैं। ऐसे परीक्षार्थियों से प्रथम श्रेणी से पास कराने के लिए 20-25 हजार रुपयों की मांग की जा रही है। इसकी जानकारी करीब आधा दर्जन छात्रों ने पटना की एसएसपी गरिमा मलिक को दी है। उधर, बिहार बार्ड ने ऐसे कॉल में अपनी संलिप्‍तता से इनकार किया है। 

परीक्षार्थियों ने बताई ये बात

पटना के बिहटा निवासी भूषण ने बताया कि मंगलवार को उन्‍होंने स्क्रूटनी के लिए आवेदन दिया था। उसी रात अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बिहार इंटरमीडिएट काउंसिल का कर्मचारी बताया और कहा कि अगर वह 20 हजार रुपये खर्च करे तो फर्स्‍ट डिवीजन से पास करा देगा। उसके दोस्त सतीश ने भी इसी तरह की कॉल आने की बात कही।

इसके बाद उन्होंने उसी नंबर पर दोबारा कॉल किया तो उन्हें बुद्ध मार्ग स्थित इंटरमीडिएट काउंसिल के बाहर जूस की दुकान पर मिलने के लिए बुलाया गया। भूषण और सतीश समेत सात परीक्षार्थी नंबर बढ़ाने के लिए उसके पास गए, लेकिन ज्यादा लड़कों को देखकर कॉल करने वाला सामने नहीं आया।

एसएसपर कार्यालय को दे दी जानकारी

स्‍क्रूटनी के लिए आवेदन देने वाले इन परीक्षार्थियों को तब ठगी का अहसास हुआ। वे पटना की एसएसपी गरिमा मलिक से मिलकर पूरी जानकारी देने गए। उनकी एसएसपी से मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन उन्‍होंने उनके कार्यालय को पूरी जानकारी दे दी।

ऐसे ही मामले में पहले हो चुकी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले कोतवाली थाने की पुलिस ने बिहार इंटरमीडिएट काउंसिल का कर्मचारी बनकर छात्रों से ठगी करने वाले एक कृष्ण श्रीवास्तव उर्फ विजय श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। 

Posted By: Amit Alok

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