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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र आज से, पहले दिन मां शैलपुत्री भरेंगी जीवन में ऊर्जा और शुद्धता

Published: Thu, 19 Mar 2026 05:25 AM (IST)

चैत्र नवरात्र आज से शुरू हो गया है, जिसमें देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। प्रत्येक रूप शक्ति, साहस और जीवन के महत्वपूर्ण सबक सिखाता है।

चैत्र नवरात्र आज से

चैत्र नवरात्र आज से

HighLights

  1. नवरात्र में देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना।

  2. प्रत्येक रूप शक्ति, साहस और जीवन मूल्य सिखाते हैं।

  3. पहले दिन मां शैलपुत्री से मिलती है ऊर्जा, शुद्धता।

जागरण संवाददाता, पटना। नवरात्र में देवी मां के नौ रूपों की आराधना की जाती है। नौ दिनों तक श्रद्धालु मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा कर आशीष प्राप्त करते हैं। मां दुर्गा के नौ रूप न केवल शक्ति और साहस का प्रतीक हैं बल्कि प्रत्येक रूप हमें जीवन में मूल्य और सबक सिखाते हैं। 

ज्योतिष आचार्य पंडित राघव नाथ झा ने बताया कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालु पहले दिन मां दुर्गा के स्वरूप शैलपुत्री की पूजा करते हैं। शैलपुत्री के पूजन करने से हमारे अंदर शक्ति और ऊर्जा का संचार होता है। शैलपुत्री पर्वतों की पुत्री होने के साथ शुद्धता का प्रतीक मानी जाती हैं। 

ब्रह्मचारिणी तपस्या और साधना का प्रतीक

वहीं ब्रह्मचारिणी तपस्या और साधना का प्रतीक हैं। यह जीवन में अनुशासन, समर्पण और धैर्य से लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश देती हैं। चंद्रघंटा शांति, संतुलन और धैर्य की देवी हैं। 

कुष्मांडा ब्रह्मांड की सृष्टिकर्ता मानी जाती हैं। सकारात्मक सोच से इच्छाओं को साकार करना और जीवन में ऊर्जा लाने का संदेश देती हैं। भगवान कार्तिकेय की मां स्कंद माता प्रेम और संरक्षण का संदेश देती हैं। 

नौ दिनों तक सात्विक आहार का सेवन

कात्यायनी योद्धा देवी हैं। यह भक्तों को निर्भय होने का संदेश देती हैं। कालरात्रि बुरी शक्तियों का नाश करती हैं। महागौरी आंतरिक शुद्धिकरण और आत्म विश्लेषण का महत्व बताती हैं। सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करती हैं। 

नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं बल्कि साहस, सकारात्मकता, निस्वार्थ प्रेम, अनुशासन और आध्यात्मिक ज्ञान देने का उत्सव है। श्रद्धालु नौ दिनों तक सात्विक आहार या फलाहार के साथ मां दुर्गा की भक्ति में लीन होने के साथ विधि-विधान के साथ पूजन करते हैं।