सारण [जेएनएन]। अयोध्या (Ayofhya) में राम जन्म भूमि  विवाद (Ram Janmbhoomi controversy) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले को ले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष व हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asadyddin Owaisi) ने कड़ा बयान दिया था। इसे आपत्तिजनक (Objectionable) मानते हुए उनके खिलाफ छपरा के मुख्‍य न्‍यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत (Court) में मुकदमा दर्ज किया गया है।

हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ने दायर किया परिवाद

अखिल भारतीय हिंदू महासभा (All India Hindu Mahasabha) के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कुमार सिंह (Abhimanyu Kumar Singh) ने सीजेएम की अदालत में परिवाद दायर किया है। अपने परिवाद पत्र में उन्‍होंने सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध आवाज उठाने समेत कई और आरोप लगाए हैं।

चार दिसंबर को शपथपत्र पर बयान दर्ज कराने का आदेश

सीजेएम ने परिवाद को एमपी-एमएलए अदालत (MP-MLA Court) में स्थानांतरित कर दिया है। साथ ही एसीजेएम (ACJM) अनुराग कुमार त्रिपाठी की अदालत में चार दिसंबर को शपथपत्र पर बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने क्‍या बयान दिया था, जानिए

विदित हो कि अयोध्या विवाद (Ayodhya controversy) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ओवैसी ने सवाल उठाए थे। उन्‍होंने फैसले पर असहमति जाहिर की थी। साथ ही यह भी कहा था कि फैसला मंजूर है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से भी गलती हो सकती है। ओवैसी ने सवाल किया कि अगर बाबरी मस्जिद (Babri Mashid) नहीं गिरी होती जब भी सुप्रीम कोर्ट क्या यही फैसला करता? ओवैसी ने कहा कि वे अपने कानूनी अधिकार (Legal Right) के लिए लड़ रहे थे, उन्‍हें पांच एकड़ जमीन (Five Acre Land) की खैरात की जरूरत नहीं है। वे अपने से अयोध्‍या में मस्जिद बनाने के लिए पैसे इकट्ठा कर सकते हैं। साथ ही उन्‍होंने भारत के संविधान (Indian Constitution) पर भरोसा जताया।

एआइएमआइएम की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश जारी

इस मामले पर एआइएमआइएम की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की जा रही है। अभी तक पार्टी से संपर्क के प्रयास विफल रहे हैं।

Posted By: Amit Alok

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