यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पटना में व्यवसायी को मारी सात गोलियां, हत्यारों का अभी तक नहीं मिला सुराग
पटना में एक किराना दुकान में घुसकर अपराधियों ने व्यवसायी के शरीर में छह गोलियां उतार दीं। घटना के दूसरे दिन तक हत्यारों का सुराग नहीं मिला है।

पटना [जेएनएन]। बिहार में फिर एक व्यवयायी की हत्या कर दी गई। बाइक सवार अपराधियों ने बीती रात पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शेखपुरा में किराना व्यवसायी सुमित झा (25) को गोलियों से भून डाला। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक सवार हमलावर मौके से फरार हो गए।
पुलिस घटना के अगले दिन तक अपराधियों का कोई सुराग नहीं पा सकी है। हालांकि, एसएसपी मनु महाराज दावा करते हैं कि घटना के तार समस्तीपुर से जुड़े होने की आशंका है और पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं।
दुकान में घुसकर मार दी गोली
जानकारी के अनुसार शेखपुरा के भीड़ वाले इलाके में सड़क से सटी बड़ी दुकान के अंदर घुसकर अपराधियों ने सुमित झा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसकी जानकारी मोहल्ले के किसी व्यक्ति को नहीं हुई। राहगीरों ने दुकान के बाहर फेंका सामान और खून निकलता देख आसपास के लोगों को सूचना दी।
समस्तीपुर का था मूल निवासी
समस्तीपुर का मूल निवासी सुमित झा आपराधिक चरित्र के फुन्नू झा का छोटा बेटा था। वर्ष 2012 में फुन्नू झा की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में मुखिया मनोरंजन गिरि को अभियुक्त बनाया गया था। सुमित और उसका मंझला भाई अभिजीत झा मिलकर ब्रह्मस्थानी गली में देव डिपार्टमेंटल स्टोर नामक किराना दुकान चलाते थे। अभिजीत दिन और सुमित शाम के वक्त दुकान संभालते थे।
अभिजीत व सुमित पटना में पाटलिपुत्र थानान्तर्गत वन विभाग के पास नेहरू नगर इलाके के मकान संख्या 287 में किराए पर रहते थे। हत्या के बाद पुलिस ने जब मकान मालिक से पूछताछ की तो मालूम हुआ कि लगभग छह माह पहले उज्जयारपुर पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा था, जिसके बाद दोनों भाइयों ने मकान खाली कर दिया। वर्तमान में वे कहां रह रहे थे, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है।
घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे
सुमित की दुकान के अंदर सीसी कैमरे लगे थे। आसपास के प्रतिष्ठान भी कैमरे से लैस हैं। पुलिस उनका फुटेज देखकर बदमाशों की पहचान करने में जुटी है। हालांकि, पुलिस को वारदात का कोई सुराग अभी तक नहीं मिल सका है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा गया। वे देर रात आगजनी व प्रदर्शन की तैयारी में थे, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया। तनाव के मद्देनजर इलाके में पर्याप्त बल की तैनाती की गई है।
समस्तीपुर से जुड़े हैं हत्या के तार
प्रारंभिक तफ्तीश से मालूम हुआ कि सुमित की हत्या के तार समस्तीपुर से जुड़े हैं। घटना का कारण आपसी रंजिश होने की आशंका है। वहीं दूसरी ओर पुलिस को पता चला है कि सुमित का भाई शराब का कारोबार करता था। अंदेशा है कि रुपयों के बटवारे को लेकर भी घटना को अंजाम दिया जा सकता है। अगर ऐसा है तो हमलावर अभिजीत को निशाना बनाने आए होंगे। हत्यारे समस्तीपुर के हो सकते हैं।
मारी गईं सात गोलियां
सुमित की दुकान के बगल में एक निजी अस्पताल है। लहूलुहान हालत में पहले उसे वहां ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुमित को मृत घोषित कर दिया। कंधे से ऊपर उसे पांच गोलियां मारी गईं, जबकि पेट में दो गोलियां लगी हैं। घटनास्थल से चार-पांच खोखे बरामद हुए हैं।
