बीपीएससी टीआरई-4 का शेड्यूल जारी! दिसंबर-जनवरी में होगी परीक्षा; डोमिसाइल पर सस्पेंस बरकरार
बीपीएससी ने टीआरई-4 का शेड्यूल जारी किया है, जिसके तहत परीक्षा दिसंबर या जनवरी में संभावित है और आवेदन 1 से 30 सितंबर तक लिए जाएंगे।

बीपीएससी टीआरई-4 का शेड्यूल जारी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने सोमवार को टीआरई-4 के प्रारूप, सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एईडीओ) परीक्षा की तिथि और 71वीं के परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी। टीआरई-4 का आयोजन दिसंबर या जनवरी में संभावित है।
अन्य सभी परीक्षाओं की तरह दो स्तर प्रारंभिक (पीटी) और मुख्य परीक्षा (मेंस) से शिक्षक नियुक्ति के चौथे चरण की प्रक्रिया पूर्ण होगी। 34 हजार 274 पदों के लिए दोनों चरणों में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे।
टीआरई-4 के लिए एक से 30 सितंबर तक आवेदन
सचिव हेमंत कुमार सिंह व परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को प्रेसवार्ता में कहा कि आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) से हमें यह सुझाव प्राप्त हुआ है, सभी परीक्षाओं को कम से कम दो चरणों में कराया जाए। ऐसे में बीपीएससी की कोई भी परीक्षा दो चरणों से कम में नहीं होगी।
टीआरई-4 के लिए एक से 30 सितंबर तक आवेदन जमा करने की तिथि निर्धारित की गई है। दिसंबर या जनवरी में परीक्षा संपन्न कराई जा सकती है। इसके लिए अक्टूबर में परीक्षा की तिथि जारी होने की संभावना है।
टीआरई-4 में पांच लाख से कम आवेदन पर तीन चरणों में परीक्षा होगी। कक्षा एक से पांच, छह से आठ और नौ से 12 तक के लिए अलग-अलग तिथि होगी। अगर पांच लाख से अधिक आवेदन आते हैं तो छह चरणों में परीक्षा होगी।
वस्तुनिष्ठ किसी भी परीक्षा में निगेटिव मार्किंग
निगेटिव मार्किंग केवल टीआरई-4 में नहीं, आयोग की वस्तुनिष्ठ किसी भी परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रविधान है। इससे अभ्यर्थी अंदाज से विकल्प नहीं चुन सकता, जिसको ज्ञान होगा, वही पास होगा।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि लोग यह प्रश्न उठा रहे हैं कि हिंदी भाषी लोगों को कम अंक दिए गए और अंग्रेजी मीडियम वालों को अधिक। उन्होंने कहा कि हिंदी-अंग्रेजी माध्यम का डाटा तो बीपीएससी के पास भी नहीं है, तो सवाल उठाने वालों के पास कहां से आया।
बीपीएससी मुख्य परीक्षा के फार्म में ये नहीं भरवाता कि अभ्यर्थी किस माध्यम से परीक्षा देंगे। फार्म में नहीं भरवाते हैं तो हमारे पास कोई डेटा नहीं है। अब आरोप लगाने वालों के पास ये डेटा कहां से आया कि हिंदी माध्यम वाले कम, अंग्रेजी माध्यम वाले ज्यादा, ये हमें नहीं पता है।
डोमिसाइल पर निर्णय सरकार करेगी
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि डोमिसाइल देना और नहीं देना यह सरकार का मामला है। इसमें आयोग कुछ नहीं कर सकता है। हालांकि बीपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा में 72 प्रतिशत परीक्षा में बिहार के ही छात्र रहते हैं। एक वर्ष पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर की परीक्षा ली गई थी। यह मामला कोर्ट में चला गया। अभी तक मामला विचाराधीन होने के कारण इसका परिणाम जारी नहीं हो सका। कोर्ट से मामले का निष्पादन होने के बाद परिणाम जारी कर दिया जाएगा।
लोकोक्ति पर परीक्षा नियंत्रक ने जताया खेद
प्रेसवार्ता के दौरान परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने एक प्रश्न से जुड़े उत्तर पर लोकोक्ति हाथी चले बाजार कुत्ते भौंकें हजार का प्रयोग किया। इस पर खेद व्यक्त करते हुए परीक्षा ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रेसवार्ता में मेरे द्वारा एक लोकोक्ति बताई गई थी, जिसको कि इंटरनेट मीडिया पर अन्य संदर्भ में कुछ तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। मेरा किसी व्यक्ति विशेष या समूह को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। अगर किसी की भावनाएं इससे आहत हुई हैं, तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।
