BPSC TRE-4 में नेगेटिव मार्किंग तय, सितंबर तक अभ्यर्थियों का डेटा तैयार; अक्टूबर में जारी होगा परीक्षा शेड्यूल
बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा दो स्तरों- प्रारंभिक और मुख्य में होगी, दोनों ही वस्तुनिष्ठ प्रकार की होंगी और इसमें नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान होगा। परीक्षा दिसंबर-जनवरी में संभावित है।

प्रेस कांफ्रेंस करते परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह और सचिव हेमंत कुमार सिंह।
HighLights
टीआरई-4 परीक्षा पीटी और मेन्स दो स्तरों में।
दोनों स्तरों की परीक्षा वस्तुनिष्ठ, नेगेटिव मार्किंग होगी।
परीक्षा दिसंबर-जनवरी में संभावित, 71वीं का परिणाम सितंबर में।
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा टीआरई-4 भी दो स्तरों—प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा (मेन्स) में ली जाएगी।
दोनों ही स्तरों की परीक्षाएं बहुविकल्पीय (आब्जेक्टिव) आधारित होंगी। परीक्षा नियंत्रक राजेश सिंह ने कहा कि अभ्यर्थी परीक्षा में अनुमान या तुक्केबाजी का सहारा न लें, इसके लिए नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रखा गया है।
भाषा के अभ्यर्थियों को कम अंक मिलने की बात गलत
आयोग की सभी आब्जेक्टिव परीक्षाओं में यह नियम अनिवार्य रूप से लागू रहता है। इसके साथ ही आयोग ने भाषा (हिंदी और अंग्रेजी) के अभ्यर्थियों को कम अंक मिलने से जुड़े दावों को भ्रामक बताया है।
आयोग के अनुसार, जब अभी मूल्यांकन का डेटा ही उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे दावे पूरी तरह निराधार हैं। फाॅर्म भरने वाले अभ्यर्थियों का पूरा डेटा सितंबर तक संकलित कर लिया जाएगा।
इसके बाद अक्टूबर में परीक्षा की आधिकारिक तिथियां घोषित कर दी जाएंगी। टीआरई-4 परीक्षा का आयोजन दिसंबर-जनवरी में संभावित है।
सामान्यतः यह परीक्षा तीन चरणों में होगी, लेकिन यदि आवेदकों की संख्या 5 लाख से अधिक होती है, तो निष्पक्ष संचालन के लिए इसे छह चरणों में पूरा कराया जाएगा।
71वीं का परिणाम सितंबर में
आयोग ने अन्य परीक्षाओं की स्थिति भी स्पष्ट की है। बीपीएससी 71वीं प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम सितंबर में जारी कर दिया जाएगा। सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एईडीओ) परीक्षा भी दिसंबर-जनवरी में आयोजित कराने की योजना है।
