पटना [जेएनएन]। कजरारे-कजरारे आैर जब तक है जान जैसे गीतों के गायक जावेद ने कहा कि बिहार की संस्कृति काफी समृद्ध है। बिहार के लोग दिलवाले होते हैं। यहां के लोगों से मिलकर काफी अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि मैंने कई भोजपुरी गाने भी गाए हैं भाेजपुरी की मिठास मुझे काफी पसंद आई।

दोबारा बिहार आने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि बिहार के बारें में जितना सुना था उससे कहीं बेहतर पाया। यहां के लोगों से मिले प्यार से मैं अभीभूत हूं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बदलते वक्त के साथ फिल्मी गानों का टेस्ट भी बदल रहा है और नयापन की चाह में हर तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं।

जावेद ने कहा कि मैं जो भी गाना गाता हूं उसे पूरे दिल और आत्मा से गाता हूं, उन गानों में अपना बेस्ट देने की कोशिश करता हूं शायद यही कारण है कि श्रोताओं को वह पंसद आते हैं। जावेद ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आज अच्छे गाने नहीं आ रहे हैं आज भी काफी अच्छे गाने गाए और लिखे जा रहे हैं।

जावेद ने खूब जमाया रंग

सोनपुर मेला के समापन समारोह के मौके पर मुंबई के पार्श्व गायक जावेद अली का सूफियाना गायिकी से समारोह को यादगार बना दिया। जावेद अली ने कई फिल्मी गानों की भी प्रस्तुति कर इस सर्दी के मौसम में श्रोताओं के दिल में गर्माहट पैदा करने का काम किया।

जावेद ने सोनपुर मेला के मुख्य मंच से जब कजरारे कजरारे तेरे काले काले नैना गीत की प्रस्तुति की तो पंडाल में बैठे सभी दर्शक नाचने पर मजबूर हो गए। जावेद अली के मंच पर आते ही दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया।

उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरूआत जोधा अकबर में अपने द्वारा गाए गीत जश्न ए बहारा है इश्क ही दिल का किनारा है की। इसके बाद जावेद गीतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने अपने कार्यक्रम के दौरान गजनी फिल्म में गाए गीत तू मेरी अधूरी प्यास प्यास, तू आ गई मेरे मन को रास रास,आ जा पास पास गाकर पूरे महफिल को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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इसके बाद जावेद अली ने बजरंगी भाई जान फिल्म में गाए गीत तू जो मिला तो हो गया मैं काबिल ,तू जो मिला तो हो गया सब हासिल गीत की प्रस्तुति की। इसके बाद उन्होंने सूफीयाना अंदाजा में बंटी और बबली फिल्म के मशहूर गीत कजरारे कजरारे तेरे काले काले नैना की प्रस्तुति कर दर्शकों को झकझोर दिया। जावेद अली के कार्यक्रम से पूर्व उनके साथ कोलकाता से आई गायिका तृषा ने आशा भोसले द्वारा गाए कई गीतों की प्रस्तुति की।

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बालीवुड के पार्श्व गायकों ने हर शाम को बनाया खास

पर्यटन विभाग, कला-संस्कृति एवं युवा विभाग व सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने संयुक्त रूप से कला मंच पर चोटी के कलाकारों की झड़ी लगा दी। पूरे एक माह में कुल 96 संगीत की महफिल सजी। कार्यक्रम का आगाज बालीवुड के मशहूर पार्श्व गायिका अल्का याज्ञनिक से हुआ।

Posted By: Kajal Kumari

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