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Bihar Weather Alert: चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर, 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट; 50 KM की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:56 PM (IST)

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण बिहार में 28 से 31 अक्टूबर 2026 तक भारी बारिश, वज्रपात और 40-50 किमी/घंटा की ...और पढ़ें

31 अक्टूबर तक बदला रहेगा मौसम

31 अक्टूबर तक बदला रहेगा मौसम

HighLights

  1. 28-31 अक्टूबर 2026 तक बिहार में खराब मौसम की चेतावनी।

  2. भारी बारिश, वज्रपात और 50 किमी/घंटा की हवाएं संभव।

  3. किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर को लेकर मौसम में बदलाव की चेतावनी दी गई है। 28 से 31 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। खराब मौसम को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

31 अक्टूबर तक बदला रहेगा मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर 2026 के दौरान बिहार में मौसमी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

इस दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जलजमाव का खतरा

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है।

इससे यातायात भी प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

किसानों की बढ़ सकती है परेशानी, फसलों को नुकसान की आशंका

तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। केले, पपीते, आम और सहजन जैसे पेड़ों पर भी मौसम का असर पड़ने की आशंका है।

किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई खरीफ फसलों, खासकर धान की कटाई कर उपज को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। यदि कटाई नहीं हुई है, तो खराब मौसम के दौरान काम रोक दें।

खेतों में सिंचाई रोकें, जलनिकासी की करें व्यवस्था

खराब मौसम की संभावना को देखते हुए खेतों में अतिरिक्त सिंचाई फिलहाल स्थगित रखने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।

तेज बारिश की स्थिति में खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने और फसल को सुरक्षित रखने के उपाय करने चाहिए।

वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी, पेड़ों के नीचे न रुकें

मेघगर्जन और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, खेतों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहें। ऐसी स्थिति में किसी मजबूत, पक्के भवन के अंदर शरण लेना सुरक्षित विकल्प है।

पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवा और बारिश के दौरान कच्चे मकानों, झुग्गियों और कमजोर छतों वाले स्थानों पर भी विशेष सावधानी बरतें।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। घर से निकलने से पहले मौसम संबंधी ताजा जानकारी लें और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें। किसानों को फसल सुरक्षित रखने और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने पर ध्यान देना चाहिए। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी है।

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