बिहार विधानपरिषद में हंगामे पर सभापति नाराज, सदस्यता रद करने की दी चेतावनी
विधानपरिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद के दौरान हंगामे से सभापति अवधेश नारायण सिंह नाराज हो गए। उन्होंने सदस्यों ...और पढ़ें

सभापति अवधेश नारायण सिंह। (फाइल फोटो)
HighLights
सभापति ने हंगामे पर सदस्यता रद करने की चेतावनी दी।
डीएमके नेता के बयान पर भाजपा ने निंदा प्रस्ताव लाया।
विपक्ष ने महाराष्ट्र में बिहारियों पर टिप्पणी का मुद्दा उठाया।
राज्य ब्यूरो, पटना। विधानपरिषद में गुरुवार को दूसरे सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद के दौरान सदन में हंगामा होने पर सभापति अवधेश नारायण सिंह नाराज हो गए।
सभापति ने विपक्ष को चेताया कि ऐसे सदन की कार्रवाई को बाधित करेंगे, तो हम कार्रवाई करेंगे। इसी बीच विपक्ष की ओर से मो. सोहेब ने बोलना शुरू किया।
इस पर सभापति ने कहा कि अगर अगले तीन दिनों तक कुछ बोलेंगे, तो हम कार्रवाई करेंगे। आपकी सदस्यता तक खत्म करेंगे। हम सभी सदस्यों को चेतावनी दे रहे हैं कि सदन हंगामा करने की जगह नहीं है, शांति से सदन को चलने दें।
दरअसल, सदन शुरू होते ही भाजपा के संजय मयूख ने निंदा प्रस्ताव लाया। इसमें कहा गया कि तमिलनाडु में डीएमके के नेता ने कहा है कि उत्तर भारतीय सिर्फ प्लेट धोने का काम करते हैं। इसकी विपक्ष को निंदा करनी चाहिए।
इसपर विपक्ष की ओर से सौरभ कुमार, उर्मिला ठाकुर एवं शशि यादव ने कहा कि महाराष्ट्र में बिहार की लड़कियों के बारे में बोलने पर भी चर्चा होनी चाहिए। प्लेट धोने से बिहार के लोगों की इज्जत चली गयी और बेटियों को बेचने की बात पर इज्जत बनी रही। इसी मामले को बढ़ता देख सभापति नाराज हुए और सदस्यों पर कार्रवाई करने की बात कहीं। यह निंदा प्रस्ताव पारित भी हुआ।
इसके पूर्व वाद-विवाद के दौरान राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि उच्च सदन की गरिमा पहले जैसी नहीं रही। पहले विपक्ष की बातों को सुना जाता था, लेकिन अब दबाया जाता है। अपराध का ग्राफ भी बढ़ा है।
इस पर मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि 2005 से पहले प्राथमिकी दर्ज ही नहीं की जाती थी। सिद्दीकी ने कहा कि एक रुपये में भागलपुर में अडानी को जमीन दी गई।
इसपर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जब आप सरकार में थे तो मेदांता को भी एक रुपये में जमीन दी गई थी, उस वक्त तो कुछ नहीं बोले। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उद्योग लगने से बिहार का विकास होगा।
