बिहार में अब शहरों में शूरू होगा विशेष भूमि सर्वेक्षण, सम्राट सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
बिहार के शहरी क्षेत्रों में विशेष भू-सर्वेक्षण जल्द शुरू होगा, जिसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी ...और पढ़ें

सम्राट सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया।
HighLights
शहरी क्षेत्रों में जल्द शुरू होगा विशेष भू-सर्वेक्षण।
भू-धारकों को शिविरों में दस्तावेज जमा कर स्वामित्व का दावा।
जमीन, अपार्टमेंट और बहुमंजिला भवनों का भी होगा स्वामित्व निर्धारण।
राज्य ब्यूरो, पटना। शहरी क्षेत्रों में जल्द ही भूमि सर्वेक्षण शुरू होगा। राज्य कैबिनेट से मंजूरी के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तैयारी में जुट गया है। विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने के साथ ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, इसके शुरू होने की तिथि तय नहीं हुई है।
शहरी क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण के लिए सरकार ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त संशोधन नियमतावली में इस साल संशोधन किया था। 2012 की मूल नियमावली इसका प्रविधान नहीं था। पहले चरण में शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
इसमें भूधारी अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज लेकर स्वामित्व का दावा करेंगे। शिविरों में प्राप्त दस्तावेज के आधार पर अंतिम अधिकार अभिलेख का प्रकाशन किया जाएगा। सर्वेक्षण में जमीन के अलावा अपार्टमेंट के फ्लैट्स एवं बड़े भवन के स्वामित्व् का विवरण दर्ज होगा।
स्वामित्व के लिए प्रपत्र 1 क में उद्धोषणा का प्रकाशन किया जाएगा। यह सरकार की ओर से होगा। इसके बाद भू धारी की ओर से स्वघोषणा पत्र जारी किया जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार, इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन-दोनों माध्यम से जमा किया जा सकता है। इसे किश्तवार शुरू होने से पहले तक जमा किया जा सकता है।
दावे का मिलान
सर्वेक्षण के दूसरे चरण में जमीन अथवा भवन के स्वामित्व के दावे का राजस्व अभिलेखों का मिलान होगा। इसके बाद संबंधित सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी सत्यापित करेंगे कि स्वामित्व का दावा राजस्व अभिलेखों के अनुरूप है या नहीं।
अगर दावे और अभिलेख में एकरूपता नहीं हुई तो एक अलग प्रपत्र में मिलान नहीं होने का संक्षिप्त विवरण दिया जाएगा।
ग्रामीण इलाके में होने वाले भू सर्वेक्षण की तरह नगर पालिका क्षेत्र में भी आधुनिक तकनीक के सहारे मानचित्र बनाया जाएगा। भूखंडों का सीमांकन भी किया जाएगा।
यह सब सर्वेक्षण शुरू होने के 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। नगर पालिका क्षेत्रों में खेसरा की संख्या अधिक रहने पर बदोबस्त पदाधिकारी 90 दिनों तक इसका विस्तार कर सकते हैं।
स्वामित्व का निर्धारण
अधिसूचना के अनुसार बहुमंजिली भवनों के लिए स्थिति के अनुसार भूखंडों के कानूनी दखल अथवा सहमति के आधार पर समानुपातिक रूप से स्वामित्व का निर्धारण किया जाएगा।
भूखंड के सभी दावेदारों को अलग-अलग पर्चा दिया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए सिरे से लगान का निर्धारण होगा और इसमें हितधारकों की आपत्तियां भी आमंत्रित की जाएंगी।
अपील का अधिकार
स्वामित्व के विवाद की स्थिति में अपील प्राधिकार की मदद ली जा सकती है। राज्य सरकार अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारी को प्रथम अपीलीय प्राधिकार घोषित करेगी। सभी पक्षकारों की सुनवाई के बाद ही अपीलीय प्राधिकार कोई आदेश जारी करेगा।
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