पटना, राज्य ब्यूरो । नए वित्तीय वर्ष के लिए अभी से खाद्य सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की तैयारी हो रही है। राज्य सरकार करीब पौने नौ करोड़ लाभुकों को शत-प्रतिशत अनाज योजना का लाभ दिलाने के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाने की तैयारी में है, ताकि पीडीएस दुकानों पर निगरानी और नियंत्रण के लिए और बेहतर व्यवस्था किया जा सके।

वित्‍त विभाग की सहमति से होगी बजट वृद्धि

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सभी 38 जिलों में अनाज योजना के फूलप्रूफ कार्यान्वयन, प्रभावी मॉनीटरिंग तथा अनाज का लीकेज रोकने के लिए प्रशासनिक तंत्र विकसित करने का पूरा खाका तैयार किया जा रहा है। इसके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के बजट में 13.84 फीसद वृद्धि का प्रस्ताव है। इसमें और वृद्धि संभव है जो वित्त विभाग की सहमति पर निर्भर करेगा।  

अनाज उठाव एवं वितरण पर फोकस

विभाग का मानना है कि हर गरीब को दो जून की रोटी भर ही खाद्य सुरक्षा नहीं है बल्कि खाद्य सुरक्षा वह है जो पोषण भी दे। इसलिए इस साल अनाज योजना में क्वालिटी पर भी फोकस किया जाएगा। इसके लिए हर पीडीएस दुकान पर निगरानी बढ़ायी जाएगी। अनाज उठाव एवं वितरण पर भी फोकस रहेगा। लाभुकों के लिए प्रखंड स्तर पर शिविर लगाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। वहीं विभाग के स्तर से अनाज योजना के फूलप्रूफ कार्यान्वयन, प्रभावी मॉनीटरिंग तथा अनाज का लीकेज रोकने के लिए प्रशासनिक तंत्र विकसित करने का पूरा खाका तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था से जमाखोरी और कालाबाजारियों पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी। राज्य खाद्य निगम को यह जिम्मेवारी होगी कि किसी भी तरह की अनाज योजना में शिकायत मिलने पर दोषियों को दंडित किया जाए। वहीं अनाज योजना में तैनात अफसरों की जवाबदेही भी तय होगी।

 

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