पटना, राज्य ब्यूरो। राज्य में कब, कहां, और कैसे सड़क दुर्घटना (Road Accident) हुई, दुर्घटना में कितने लोग हताहत (casualty)  हुए, किसकी गलती थी इसकी जानकारी एक क्लिक (click)  पर उपलब्ध होगी। एक ही प्लेटफाॅर्म पर विभिन्न परिवहन सेवाओं (Transport services)  की जानकारी के साथ ही आसानी से सड़क दुर्घटनाओं का डाटा (Data of Road accident)  मिलेगा। परिवहन विभाग के सचिव (Secretary of Transport Department) संजय अग्रवाल (Sanjay Agrawal)  ने बताया कि सड़क दुर्घटना के आंकड़ों को कम्प्यूटराईज्ड रिकाॅर्ड (Computerised record) रखने के लिए बिहार परिवहन मोबाइल ऐप (Bihar Transport mobile app) तैयार किया गया है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence)  से संबंधित सभी तरह के शुल्क (Tax) , यातायात नियमों (Traffic rules) के उल्लंघन शुल्क, परमिट फी (Permit fee) , निकट के प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution Test Center) , टैक्स पेमेंट (Payment of Tax)  आदि की जानकारी मिलेगी।

एप बताएगा हर छोट-बड़े हादसों का विवरण

परिवहन सचिव ने बताया कि परिवहन मोबाइल ऐप पर हर छोटे- बड़े सभी हादसों का विवरण दर्ज किया जाएगा। पुलिस एवं संबंधित पदाधिकारी द्वारा आॅन द स्पाॅट दुर्घटना से जुड़े सभी बिंदुओं का ब्यौरा (details) भरा जाएगा। इस जानकारी के आधार पर सड़क दुर्घटना के कारणों का विश्वलेषण (assesment)  किया जाएगा और सड़क खराब होने की स्थिति में संबंधित विभाग द्वारा उसका समाधान कराया जाएगा। इससे दुर्घटना के कारणों का सही आंकलन किया जा सकेगा एवं सड़क दुर्घटना को कम करने में मदद मिलेगी। बिहार परिवहन मोबइल ऐप में इन बिंदु का विवरण भरना होगा- दुर्घटना का दिन, तारीख, समय, दुर्घटना में मौत हुई या घायल, हादसे से नुकसान, क्षतिग्रस्त वाहनों की संख्या, दुर्घटना का कारण, दोनों वाहन व उनके चालक की पूरी जानकारी, घटनास्थल का लैंडमार्क, वाहन की स्थिति, ओवर स्पीड-ओवर, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता, सड़क की स्थित ( खराब व इंजीनियरिंग के विषय में) की पूर्ण जानकारी के साथ एफआइआर नंबर, जांच अधिकारी का नाम देना होगा।

दुर्घटना की मिलेगी सटीक जानकारी

सड़क सुरक्षा पर गठित माननीय सर्वोच्च न्यायालय की समिति के दिशा- निर्देश के आलोक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना के आंकड़ों के संधारण हेतु प्रपत्र निर्धारित किए गए हैं, जिसमें थाना स्तर के पदाधिकारियों द्वारा आंकड़ों का संधारण किया जाएगा। वेब पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से दुर्घटना के आंकड़ों के संग्रहण किए जाने से सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। यही नहीं, विश्लेषण एवं तदनुसार त्वरित कार्रवाई में सहायता मिलेगी।

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