विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

छठ पर बिहार आने वाली ट्रेनें यात्रियों से खचाखच, टॉयलेट के पास बैठकर सफर को मजबूर लोग

Published: Fri, 06 Nov 2026 01:52 PM (IST)

दीपावली और छठ महापर्व पर बिहार लौट रहे प्रवासियों से ट्रेनें खचाखच भरी हैं। यात्रियों को खड़े होकर घंटों सफर ...और पढ़ें

बिहार आने वाली ट्रेनें यात्रियों से खचाखच,

बिहार आने वाली ट्रेनें यात्रियों से खचाखच,

HighLights

  1. दीपावली और छठ के लिए बिहार लौट रहे प्रवासी।

  2. ट्रेनों के जनरल डिब्बे क्षमता से तीन गुना भरे।

  3. यात्री घंटों खड़े होकर कर रहे हैं लंबा सफर।

पंकज दूबे, खगौल। दीपावली और छठ महापर्व पर अपनों के साथ त्योहार मनाने की चाह में दूसरे राज्यों में काम करने वाले बिहार के प्रवासियों की घर वापसी शुरू हो गई है। पर्व को लेकर बिहार आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ है। 

गुजरात, हैदराबाद, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाली ट्रेनें यात्रियों से खचाखच भरकर दानापुर स्टेशन पहुंच रही हैं। ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि जनरल डिब्बों में यात्रियों को बैठने की जगह मिलना तो दूर, ठीक से खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही है।

दानापुर स्टेशन पर पहुंचने वाली उधना-मधुबनी एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस और अर्चना एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों में यही स्थिति देखने को मिल रही है। जनरल डिब्बों में निर्धारित क्षमता से करीब तीन गुना यात्री सफर कर रहे हैं। 

शौचालय के बाहर, गेट के पास और सीटों के नीचे तक अखबार बिछाकर यात्री बैठने को मजबूर हैं। कई यात्रियों को 18 से 20 घंटे तक खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।

बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जूझ रहे यात्री

डिब्बों में अत्यधिक भीड़ के कारण गर्मी और घुटन से यात्रियों का बुरा हाल है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है। बैठने की जगह नहीं मिलने से उन्हें लंबी दूरी का सफर बेहद कठिन परिस्थितियों में तय करना पड़ रहा है। 

वहीं, शौचालयों में गंदगी और बदबू के कारण यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। भीड़ इतनी अधिक है कि शौचालय तक पहुंचना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। पानी और भोजन जैसी जरूरी सुविधाओं का इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है।

अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेनों की मांग

यात्रियों का कहना है कि दीपावली और छठ के दौरान हर साल बिहार आने वाली ट्रेनों में ऐसी स्थिति बनती है। इसके बावजूद नियमित ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या पर्याप्त नहीं बढ़ाई जाती। रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले कामगार परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए किसी तरह घर पहुंचने को मजबूर हैं।

यात्रियों ने रेलवे से पर्व के दौरान अतिरिक्त जनरल कोच लगाने, विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और उनके फेरे बढ़ाने की मांग की है, ताकि लोगों को भीड़ और अव्यवस्था के बीच घंटों खड़े होकर सफर न करना पड़े।

जालंधर से भागलपुर जा रहे कपिल देव ने बताया कि वे वहां मजदूरी करते हैं। करीब 18 घंटे तक खड़े रहने के बाद किसी तरह ऊपर की सीट पर बैठने की जगह मिली। डिब्बे में इतनी भीड़ है कि शौचालय तक जाना मुश्किल है।

उत्तम मलिक ने बताया कि आरा पहुंचने के बाद उन्हें बैठने की जगह मिली। इससे पहले खड़े होकर सफर करना पड़ा। शौचालय भी गंदा है और वहां जाना मुश्किल है। उन्होंने पर्व के मौके पर जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाने की मांग की।

दानापुर स्टेशन पर उतरे नरपतगंज निवासी फूलचंद मंडल ने बताया कि रास्ते भर भीड़ के कारण काफी परेशानी हुई। बिहार आने वाली लगभग सभी ट्रेनें यात्रियों से भरी आ रही हैं।

यह भी पढ़ें- बिहार आ रहीं ट्रेनें 11 घंटे तक लेट, स्पेशल में पैंट्री कार भी नहीं; दीपावली पर घर लौट रहे यात्री बेहाल


देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।