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बिहार में Natural Farming के लिए ₹4415 करोड़ खर्च करेगी सरकार, 11 प्रखंडों के किसानों को होगा फायदा

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:32 AM (IST)

बिहार में सिंचाई सुविधाओं के आधुनिकीकरण, जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए ₹4,415 करोड़ की परियोजना शुरू की गई ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

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HighLights

  1. ₹4,415 करोड़ की सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना शुरू।

  2. विश्व बैंक और सरकार की 70:30 की साझेदारी।

  3. 11 प्रखंडों में जलवायु अनुकूल खेती पर विशेष ध्यान।

राज्य ब्यूरो, पटना। सिंचाई सुविधाओं के आधुनिकीकरण, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा बाढ़ एवं कटाव से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

इसी कड़ी में विश्व बैंक एवं सरकार की संयुक्त सहभागिता से 11 प्रखंडों में 4,415 करोड़ रुपये की लागत से जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की तैयारी है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इसमें 70 प्रतिशत राशि विश्व बैंक तथा 30 प्रतिशत सरकार की सहभागिता होगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में कृषि को अधिक सक्षम, टिकाऊ एवं जोखिम-प्रतिरोधी बनाना समय की आवश्यकता है।

इसके लिए जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का विस्तार तथा किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों से जोड़ना आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से परियोजना के विभिन्न घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

चार प्रमुख घटकों के माध्यम से होगा क्रियान्वयन

पहले घटक में सिंचाई प्रणालियों के पुनर्वास एवं आधुनिकीकरण, सिंचाई सेवाओं के संचालन एवं रखरखाव, जलवायु अनुकूल कृषि, प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर बल दिया जाएगा।

घटक-2 के अंतर्गत तटबंधों एवं नदी किनारों को मजबूत करने तथा बाढ़ एवं कटाव प्रबंधन के लिए नीले एवं हरित अवसंरचना समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा।

घटक-3 के तहत मानव संसाधन की क्षमताओं को सुदृढ़ करने, जल विज्ञान एवं कृषि सूचना सहायता केंद्र की स्थापना, (एफएमआइएससी) को मजबूत करने, बिहार राज्य जल नीति तैयार करने तथा बिहार राज्य जल नियामक प्राधिकरण के गठन की दिशा में कार्य किया जाएगा।

वहीं, घटक-4 के अंतर्गत परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा वित्तीय प्रबंधन को सुनिश्चित किया जाएगा।

11 प्रखंडों में जलवायु अनुकूल कृषि पर विशेष फोकस

कृषि मंत्री ने बताया कि परियोजना के तहत जलवायु अनुकूल कृषि (सीआरए) गतिविधियों के लिए कमांड क्षेत्र के आधार पर कुल 11 प्रखंडों को चिह्नित किया गया है।

इनमें सोन पश्चिमी कमांड क्षेत्र के रोहतास, बक्सर एवं कैमूर, कोसी कमांड क्षेत्र के मधुबनी एवं गोपालगंज तथा सारण कमांड क्षेत्र के सिवान जिले से संबंधित प्रखंड सम्मिलित हैं।

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