बिहार में 66 करोड़ से दो नहर प्रणालियों का होगा कायाकल्प, 13 हजार हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
बिहार सरकार ने 66.18 करोड़ रुपये की लागत से दो प्रमुख नहर प्रणालियों - जानकीनगर शाखा नहर और कटिहार वितरणी ...और पढ़ें

जानकीनगर नहर से छह हजार हेक्टेयर को लाभ
HighLights
दो प्रमुख नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन को मंजूरी।
66.18 करोड़ रुपये की परियोजना लागत।
13 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता में वृद्धि।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने दो प्रमुख नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत जानकीनगर शाखा नहर और उससे जुड़ी नहरों के साथ कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर और सेमापुर उपवितरणी तथा संबंधित नहरों की मरम्मत और सुधार कराया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर 66.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जानकीनगर नहर से छह हजार हेक्टेयर को लाभ
जानकीनगर शाखा नहर प्रणाली के सुधार से करीब छह हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी। इससे अररिया जिले के नरपतगंज, भरगामा, फारबिसगंज और रानीगंज प्रखंड के किसानों को लाभ मिलेगा।
दूसरी नहर प्रणाली से 7,065 हेक्टेयर में बढ़ेगी क्षमता
दूसरी नहर प्रणाली के पुनर्स्थापन से 7,065 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। इस योजना से पूर्णिया और कटिहार जिले के कई प्रखंडों के किसानों को फायदा होगा।
पूर्णिया के पांच प्रखंडों में पहुंचेगा लाभ
पूर्णिया जिले में जलालगढ़, कसबा, डगरुआ, पूर्णिया पूर्व और केनगर प्रखंड के किसानों को नहरों के सुधार का लाभ मिलेगा। नहर प्रणाली दुरुस्त होने से खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाना आसान होगा।
कटिहार के चार प्रखंडों को भी फायदा
कटिहार जिले के कोढ़ा, मनसाही, हसनगंज और कटिहार प्रखंड के किसानों को भी परियोजना से लाभ मिलेगा। नहरों की मरम्मत और सुधार के बाद सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
किसानों को सिंचाई के लिए आसानी से मिलेगा पानी
सरकार के इस फैसले से कुल करीब 13 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। नहरों के बेहतर होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता आसान होगी और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
