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बिहार में सरकारी शिक्षकों की बल्ले-बल्ले, TET क्लियर करते ही मिलेगा प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ

Published: Fri, 22 May 2026 10:26 PM (IST)

बिहार शिक्षा विभाग ने नियोजित शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब 2015-17 और 2017-18 में प्रशिक्षित शिक्षकों को ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदले नियम

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदले नियम

HighLights

  1. प्रशिक्षित वेतनमान के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य।

  2. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग का निर्णय।

  3. 2015-17, 2017-18 बैच के शिक्षकों पर लागू।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2015-17 और 2017-18 में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को विरमन तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान तभी मिलेगा, जब वे टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण होंगे।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने जारी किया निर्देश

इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर की ओर से आदेश जारी किया गया है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

विभाग का कहना है कि यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदले नियम

जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार एवं अन्य बनाम मनोज कुमार एवं अन्य मामले की सुनवाई हुई थी।

इस मामले में 16 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था। उसी के अनुपालन में अब शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षित वेतनमान को टीईटी उत्तीर्ण करने की शर्त से जोड़ दिया है।

बिना टीईटी पास किए नहीं मिलेगा लाभ

नए निर्देश के अनुसार केवल प्रशिक्षण प्राप्त कर लेने से शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा।

इसके लिए टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और योग्य शिक्षकों को प्राथमिकता मिल सकेगी।

शिक्षकों में बढ़ी चर्चा, विभाग ने मांगा अनुपालन

शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद नियोजित शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

कई शिक्षक संगठन भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

वहीं विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी आदेश का पालन सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी समस्या उत्पन्न न हो।

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