पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Teacher Recruitment Process: बिहार में 94 हजार प्रारंभिक शिक्षकों की बहाली के लिए दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो गई, लेकिन इसमें भी नियोजन इकाइयों द्वारा लापरवाही व अनियमितता किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग भी एक्शन में आ गया है और तत्काल तीन दर्जन नियोजन इकाइयों की काउंसिलिंग एवं मेधा सूची को रद कर दिया है। शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई बांका, मधुबनी, कैमुर और दरभंगा जिलों के जिला अधिकारियों की अनुशंसा पर की है। अभी और नियोजन इकाइयों पर कार्रवाई तय है क्योंकि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने सभी जिलों से दूसरे चरण की काउंसिलिंग संबंधी पूरी रिपोर्ट जिलों से तलब की है।

आज होगी उच्‍च स्‍तरीय समीक्षा

पूरी रिपोर्ट पर शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा होगी और इसके बाद दोषी नियोजन इकाइयों एवं पदाधिकारियों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई होगी। साथ ही, काउंसिलिंग एवं मेधा सूची भी रद की जाएगी। बता दें कि  पहले चरण में भी 500 नियोजन इकाइयों की काउंसिलिंग एवं मेधा सूची रद की गई थी।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश

अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी कि सभी रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जिन नियोजन इकाइयों से काउंसिलिंग में लापरवाही या अनियमितता बरते जाने संबंधी शिकायतें मिलेंगी उन नियोजन इकाइयों की काउंसिलिंग व मेधा सूची रद की जाएगी। इस मामले में दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा और उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने समेत अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बांका जिले के शंभुगंज और अमरपुर प्रखंड नियोजन इकाइयों द्वारा काउंसिलिंग में बरती गई धांधली और अनियमितता संबंधी शिकायतें मिली हैं और जिलाधिकारी ने काउंसिलिंग व मेधा सूची रद करने की  अनुशंसा की थी।

डीएम की अनुशंसा पर रद की गई प्रक्रिया

इसी तरह मधुबनी के जिलाधिकारी ने बासोपट्टी प्रखंड और कैमुर जिले के डीएम ने ने भभुआ में शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग में बरती गई अनियमितता पर नियोजन प्रक्रिया रद करने की अनुशंसा की थी। इन जगहों की काउंसिलिंग व मेधा सूची रद कर दी गई और नियोजन इकाइयों समेत दोषी पदाधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। इधर, दरभंगा जिले के बहेड़ी पंचायत के 17 पंचायतों की नियोजन इकाइयों की काउंसिलिंग में भी गड़बड़ी की शिकायतें आई हैं जिनके काउंसिलिंग प्रक्रिया को रद की गई है।  

यह पकड़ी गई गड़बड़ी

  • काउंसिलिंग में 65 से 70 फीसद मेधा अंक होने के बाद भी उनकी जगह कम मेधा अंक वाले अभ्यर्थियों का चयन
  • मेधा सूची के क्रम में अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए नाम नहीं पुकारा जाना
  • मेधा सूची को तैयार करने में पारदर्शिता का घोर अभाव
  • आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करना

Edited By: Shubh Narayan Pathak