पटना, राज्य ब्यूरो। राज्य में चल रही 94 हजार प्रारंभिक शिक्षकों की नियोजन (Recruitment Process of 94 thousand teachers) प्रक्रिया के दौरान जांच में फर्जी प्रमाण पत्र पकड़े जा रहे हैं। जिन चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी (Fake Certificates) निकले हैं उन पर सरकार एक्शन में है। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर नियोजन इकाइयों द्वारा 49,348 चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र अपलोड किए गए हैं जिनकी जांच चल रही है। अब तक 632 प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में संबंधित अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिलों से आई रिपोर्ट के मुताबिक सभी 38 जिलों में चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।

64 फीसद प्रमाणपत्रों की जांच हो चुकी है पूरी 

इन प्रमाण पत्रों में 64 फीसद की जांच पूरी हो चुकी है। इनमें से नालंदा में 63, बक्सर में 121, सारण में 23, नवादा में 42, बेगूसराय मूें 19 चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र पर फर्जी पाए गए हैं। शेष चयनित अभ्यर्थियों के भी मैट्रिक और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र, अंक पत्र, शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, अंक पत्र, दक्षता परीक्षा यानी टीईटी उत्तीर्ण प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र मेधा सूची प्रमाण पत्र, नियुक्ति प्रमाण पत्र, जातीय प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की जांच करायी जा रही है। ऐसी संभावना है कि जांच में अभी और प्रमाण पत्र फर्जी निकल सकते हैं। 

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दोषी मिले तो नियोजन इकाई पर भी की जाएगी प्राथमिकी 

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षकों के चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच कराई जा रही है, जिन संस्थानों से प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं वहां से उसका सत्यापन कराया जा रहा है। जिन चयनित शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पकड़े जा रहे हैं उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। यदि जांच में संबंधित नियोजन इकाई दोषी पाया गया तो उस पर भी प्राथमिकी दर्ज करा कर कार्रवाई होगी। 

 

Edited By: Vyas Chandra