बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में 4 लाख तक लोन, कौन ले सकता है लाभ? उम्र, पढ़ाई और निवास की शर्तें भी पढ़ें
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत इंटर पास युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का ...और पढ़ें

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में मिलता है ब्याजमुक्त लोन। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
उच्च शिक्षा हेतु 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण।
योजना 2 अक्टूबर 2016 को बिहार में लागू हुई।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ब्याज मुक्त ऋण की घोषणा की।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत इंटर पास युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक शिक्षा ऋण देने का प्रावधान है।
दो अक्टूबर 2016 को राज्य में लागू इस महत्वपूर्ण योजना के तहत उच्च शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण दिया जाता है।
योजना लागू होने के समय सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा ऋण पर सालाना 4 प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित की गई थी।
नीतीश ने पिछले वर्ष की थी ब्याजमुक्त लोन की घोषणा
वहीं, दिव्यांग, बालिका और ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए ब्याज दर 1 प्रतिशत रखी गई थी। तय समय से पहले शिक्षा ऋण चुकाने पर ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की छूट का भी प्रावधान था।
हालांकि, 16 सितंबर 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा ऋण पर ब्याज समाप्त करने की घोषणा की थी।
योजना की महत्वपूर्ण बातें
- दो लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण को अधिकतम 60 मासिक किश्तों में चुकाने का प्रविधान है।
- दो लाख रुपये से अधिक के ऋण को अधिकतम 84 मासिक किश्तों में चुकाया जा सकता है।
- नौकरी नहीं मिलने अथवा स्वरोजगार और अन्य माध्यमों से आय नहीं होने की स्थिति में ऋण की वसूली स्थगित रखने का प्रावधान है।
योजना का लाभ लेने की पात्रता
- आवेदक बिहार का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक ने बिहार के किसी शिक्षण संस्थान या राज्य की सीमा से लगे राज्यों के संस्थानों से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
- आवेदक की अधिकतम उम्र 25 वर्ष होनी चाहिए। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है।
- आवेदक बिहार या राज्य अथवा केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान में नामांकित हो या नामांकन के लिए चयनित हुआ हो।
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