'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का दायरा बढ़ा, विपक्ष फैला रहा भ्रम'; भाजपा प्रवक्ता ने बताया क्या हुआ है बदलाव?
बिहार सरकार की शिक्षा ऋण योजना पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा ने योजना का दायरा बढ़ने और ₹10 ...और पढ़ें

भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्णा। फाइल फोटो
HighLights
भाजपा ने योजना का दायरा बढ़ने, ₹10 लाख तक ऋण बताया।
राजद ने ऋण सीमा घटाने का कड़ा विरोध किया।
₹64 करोड़ अतिरिक्त राशि स्वीकृत, आवेदन विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार की शिक्षा ऋण योजना को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि योजना पहले की तरह जारी है, बल्कि इसका दायरा और लाभ बढ़ाया गया है।
अब सामान्य रूप से चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जा रहा है, जबकि 164 महत्वपूर्ण संस्थानों में पढ़ाई के लिए ऋण की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
इसमें 2 लाख रुपये तक का ऋण बिहार शिक्षा वित्त निगम और 2 से 4 लाख रुपये तक का ऋण बैंकों के सहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा।
10 लाख रुपये तक का ऋण बिहार सरकार की योजना के तहत चिन्हित राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के लिए दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन विद्यालक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे।
बिहार के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा अब और आसान। शिक्षा ऋण के विकल्प बढ़ाए गए हैं और योजना के लिए ₹64 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। अब पीएम विद्यालक्ष्मी के माध्यम से ₹10 लाख तक के शिक्षा ऋण का विकल्प भी उपलब्ध है।#BiharStudentCreditCard#HigherEducation pic.twitter.com/nzPZE3N40P
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) August 21, 2026
उन्होंने कहा कि बिहार की योजना केंद्र की योजना से अधिक व्यापक है। केंद्र की योजना में 4.5 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को शत प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलता है, जबकि इससे अधिक आय वालों को केवल 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलता है।
लाभ चिन्हित पाठ्यक्रमों तक सीमित है। बिहार में सभी आय वर्ग के परिवारों और अतिरिक्त पाठ्यक्रमों को भी शतप्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर राजद का विरोध
बिहार सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को दी जाने वाली बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण की सीमा चार लाख से घटाकर दो लाख करने के निर्णय पर राजद ने कड़ा विरोध जताया है।
पार्टी के प्रधान महासचिव इम्तेयाज अली भुट्टो ने कहा कि यह निर्णय गरीब और कमजोर छात्रों के साथ धोखा है। उन्होंने बताया कि बिहार में कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा का सपना देखते हैं, और इस योजना ने उन्हें महत्वपूर्ण सहारा दिया है।
वर्तमान में जब इंजीनियरिंग, मेडिकल, और अन्य पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ रही है, ऐसे में ऋण की सीमा को आधा करना अन्याय है। भुट्टो ने सरकार से मांग की कि छात्र सहायता को बढ़ाया जाए और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा चार लाख से बढ़ाकर कम से कम दस लाख की जाए।
