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बिहार में छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत, 10 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को नहीं कराना होगा निबंधन

Published: Mon, 20 Jul 2026 07:08 PM (GMT+05:30)

बिहार सरकार ने विधानसभा में एक नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत 10 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को ...और पढ़ें

गांवों में भी लागू होगा नया नियम(AI फोटो)

गांवों में भी लागू होगा नया नियम(AI फोटो)

HighLights

  1. 10 से कम कर्मचारियों को निबंधन से छूट मिलेगी।

  2. छोटे दुकानदारों का प्रशासनिक बोझ अब कम होगा।

  3. कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र में बिहार दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन एवं सेवा शर्त) (निरसन) विधेयक, 2026 पेश किया। विधेयक के पारित होने और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा। इसके लागू होने से छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

10 से कम कर्मचारियों पर नहीं होगी अनिवार्यता

नए प्रावधान के अनुसार अब केवल उन दुकानों और प्रतिष्ठानों को निबंधन कराना होगा, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत होंगे।

वर्तमान शॉप एक्ट के तहत एक या दो कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को भी निबंधन कराना पड़ता था। नए नियम से छोटे कारोबारियों पर प्रशासनिक बोझ कम होगा।

गांवों में भी लागू होगा नया नियम

केंद्र सरकार के नए लेबर कोड के अनुरूप अब यह व्यवस्था केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, तो उसका निबंधन कराना अनिवार्य होगा। इससे पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू होगी।

कर्मचारियों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ

सरकार का कहना है कि नए लेबर कोड के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को ईएसआईसी समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।

दुर्घटना या अन्य आपदा की स्थिति में कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी।

पुराने शॉप एक्ट की जगह आएगा नया कानून

केंद्र सरकार की उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता-2020 के अनुरूप बिहार सरकार ने पुराने शॉप एक्ट को समाप्त करने का फैसला लिया है।

पहले अध्यादेश के जरिए इस कानून को निरस्त किया गया था, जबकि अब इसे स्थायी कानूनी स्वरूप देने के लिए विधानसभा में नया विधेयक पेश किया गया है।

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