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बिहार में 16 अक्टूबर से फिर शुरू होगा बालू खनन, EC और CTO की अड़चनों को जल्द दूर करने का आदेश

Published: Tue, 06 Oct 2026 12:13 PM (IST)

बिहार में 16 अक्टूबर से बालू घाटों पर खनन शुरू होगा। खान एवं भूतत्व विभाग ने नीलाम हो चुके लेकिन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. बिहार में 16 अक्टूबर से बालू खनन होगा शुरू।

  2. खान विभाग ने नीलाम घाटों की संचालन बाधाएं दूर करने का लिया निर्णय।

  3. खनन योजना, पर्यावरणीय मंजूरी और भुगतान की होगी समीक्षा।

राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। बिहार में 16 अक्टूबर से बालूघाटों से खनन शुरू होगा। इसके पूर्व खान एवं भूतत्व विभाग ने नीलाम हो चुके, लेकिन अब तक संचालित नहीं हो पाए बालूघाटों की स्थिति की घाटवार समीक्षा और उनके संचालन में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने का निर्णय लिया है।

खान एवं भू-तत्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग ने फैसला लिया है कि जिन घाटों की नीलामी हो चुकी है वैसे बालूघाट की खनन योजना, पर्यावरणीय मंजूरी, प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सहमति और भुगतान सहित लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी।

इसके साथ ही बंदोबस्तधारी के साथ हुए एकरारनामे की स्थिति भी देखी जाएगी। जिन घाटों के संचालन के लिए कोई दस्तावेज या अनुमति लंबित है, उसे संबंधित स्तर से शीघ्र पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।

विभाग ने अधिकारियों से कहा है कि केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कराने तक ही मामला सीमित न रहे। घाटों के वास्तविक संचालन पर भी नियमित निगरानी रखी जाए।

इसके लिए संबंधित बंदोबस्तधारी के साथ लगातार अनुश्रवण किया जाए, ताकि 16 अक्टूबर से बालू खनन शुरू होने के बाद नीलाम किए गए अधिक से अधिक घाटों का संचालन सुनिश्चित हो सके।

खनन योजना में घाट से कितनी मात्रा में और किस तरीके से बालू निकाली जा सकती है, इसका ब्योरा रहता है। पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) खनन के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए जरूरी स्वीकृति है।

वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से स्थापना और संचालन की सहमति (सीटीई-सीटीओ) जरूरी होती है। विभाग ने इन सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कराने पर जोर दिया है।

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